नौकरी के बिना इंस्टेंट लोन पाना आसान नहीं होता. क्योंकि ज्यादातर लेंडर्स किसी भी लोन एप्लीकेशन प्रोसेस में एप्लिकेंट की इनकम या स्टेबल फाइनेंशियल सोर्स का प्रूफ मांगते हैं. इससे लोन के लिए अप्लाई करने वाले व्यक्ति की रीपेमेंट क्षमता का आइडिया मिलता है. स्टूडेंट्स आमतौर पर हायर एजुकेशन या विदेश में पढ़ाई के लिए एजुकेशन लोन का ऑप्शन चुनते हैं, लेकिन जब कोई फिक्स इनकम न हो तो लोन लेना थोड़ा मुश्किल हो जाता है. इसके अलावा कई बार एजुकेशन लोन कुछ खर्चों को कवर नहीं करता, जिससे स्टूडेंट को अतिरिक्त लोन की जरूरत पड़ सकती है.
