मिडिल ईस्ट में ईरान-इजराइल के बीच बढ़ते तनाव का असर अब ग्लोबल एनर्जी सप्लाई चेन पर साफ दिखने लगा है। लिक्विफाइड नैचुरल गैस (LNG) ले जाने वाले टैंकरों का किराया एक दिन से भी कम समय में दोगुना होकर 2,00,000 डॉलर (करीब 1.80 करोड़ रुपये) प्रतिदिन के स्तर से ऊपर पहुंच गया है।
जानकारी रखने वाले सूत्रों के अनुसार, अटलांटिक बेसिन क्षेत्र में जहाज मालिक और ब्रोकर LNG टैंकरों के लिए प्रतिदिन 2 लाख डॉलर से अधिक की मांग कर रहे हैं। यह दर एक दिन पहले के मुकाबले लगभग दोगुनी है। हालांकि, इन ऊंची दरों पर अभी तक कोई वास्तविक सौदा दर्ज नहीं हुआ है, क्योंकि यह जानकारी गोपनीय है और संबंधित सूत्रों ने पहचान जाहिर नहीं करने की शर्त पर बात की है।
कतर में उत्पादन ठप, बढ़ी अनिश्चितता
शिपिंग कंपनी स्पार्क कमोडिटीज के मुताबिक, सोमवार की शुरुआत में LNG टैंकर की आंकी गई दर 61,500 डॉलर प्रतिदिन थी। मौजूदा ऑफर रेट्स इससे कम से कम तीन गुना अधिक हैं, जो बाजार में भय और अनिश्चितता का संकेत देते हैं।
वास्तविक सौदों में अभी सीमित तेजी
हालांकि एक्सपर्ट्स का मानना है कि वास्तविक लेन-देन की दरें तभी स्थायी रूप से ऊंची जाएंगी जब कतर और अबू धाबी जैसे प्रमुख उत्पादक क्षेत्रों में उत्पादन कटौती लंबी अवधि तक जारी रहे।
प्रीसिजन LNG कंसल्टिंग LLC के सलाहकार रिचर्ड प्रैट के मुताबिक, “अगर उत्पादन में कटौती लंबे समय तक रहती है, तभी ट्रांजैक्टेड शिपिंग रेट्स में स्थायी और तेज बढ़ोतरी देखने को मिलेगी।” उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका से एशिया तक जहाजों को लंबी दूरी तय करनी पड़ सकती है, जिससे लागत और बढ़ सकती है।
एनर्जी मार्केट पर व्यापक असर
LNG शिपिंग दरों में अचानक आई इस तेजी से संकेत मिलता है कि ग्लोबल एनर्जी मार्केट युद्ध के असर को लेकर बेहद संवेदनशील है। अगर मिडिल ईस्ट में तनाव और फैलता है या सप्लाई के मार्गों में रुकावट बढ़ती है, तो गैस और बिजली की कीमतों पर भी दबाव बढ़ सकता है।
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