एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनी ऑफ इंडिया (ARCIL) और सेर्बरस कैपिटल (Cerberus Capital) के एक कंसोर्शियम ने यस बैंक (YES Bank) के 48,000 करोड़ रुपये के बैड लोन को खरीदने की रेस से पीछे हटने का फैसला किया है। दोनों ने जेसी फ्लावर्स ARC के ऑफर के जवाब में काउंटर बोलियां नहीं जमा की है। इकनॉमिक टाइम्स ने एक रिपोर्ट में दो सूत्रों के हवाले से यह जानकारी दी है।
ARCIL और सेर्बरस कैपिटल के कंसोर्शियम के पीछे हटने के बाद अब उम्मीद की जाती है कि YES Bank जल्द ही जेसी फ्लावर्स को विजेता घोषित करेगा और अपना 48,000 करोड़ का बैड लोन उसे ट्रांसफर कर देगा। ट्रांसफर पूरा होने के बाद यस बैंक के बैलेंस शीट में लगभग जीरो बैड लोन होगा।
जेसी फ्लावर्स ने YES Bank के बैड लोन के लिए 11,183 करोड़ रुपये की बोली लगाई थी और इसके जवाब में 7 सितंबर तक काउंटर बोलियां मंगाई थीं। मनीकंट्रोल स्वतंत्र रूप से इस रिपोर्ट की पुष्टि नहीं कर सका। जेसी फ्लावर्स एआरसी के चेयरमैन और सीईओ राहुल गुप्ता ने इस मामले में टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। वहीं ARCIL और Yes Bank की तरफ से खबर लिखे जाने तक इस मामले में कोई प्रतिक्रिया नहीं आई थी।
रिपोर्ट में एक सूत्र ने बताया कि ARCIL और Cerberus ने एवेन्यू कैपिटल के साथ एक समझौते पर पहुंचने में विफल रहने के बाद अपने हाथ इस डील से खींच लिए। बता दें कि एवेन्यू कैपिटल की ARCIL में बहुमत हिस्सेदारी है।
Yes Bank के सीईओ और मैनेजिंग डायरेक्टर, प्रशांत कुमार ने एक बयान में कहा था कि एआरसी को बैड लोन ट्रांसफर किए जाने के बाद यस बैक के ग्रॉस नॉन परफॉर्मिंग एसेट्स (ग्रॉस-NPA) में करीब 1.5 से 2 फीसदी तक की कमी आएगी, जो अभी जून तिमाही के अंत में 13.4 फीसदी है।
जिन बैड लोन को एआरसी को ट्रांसफर किया जाना है, उसमें अनिल धीरूभाई अंबानी ग्रुप, एसेल ग्रुप और रेडियस ग्रुप को यस बैंक की तरफ से दिया गया लोन भी शामिल है, जो अब एनपीए में बदल गया है।