जियो ब्लैकरॉक एसेट मैनेजमेंट ने तीन कैश/डेट म्युचुअल फंड स्कीम्स के जरिए ₹17800 करोड़ जुटाए हैं। जियो ब्लैकरॉक ने इससे जुड़ा ऐलान आज 7 जुलाई को किया। यह तगड़ा फंड तीन स्कीम्स- जियोब्लैकरॉक ओवरनाइट फंड, जियोब्लैकरॉक लिक्विड फंड और जियोब्लैकरॉक मनी मार्केट फंड के जरिए जुटाए गए हैं। जियो ब्लैकरॉक मुकेश अंबानी के रिलायंस इंडस्ट्रीज की एक इकाई जियो फाइनेंशियल सर्विसेज और अमेरिका की ब्लैकरॉक के बीच एक ज्वाइंट वेंचर है। एसेट मैनेजमेंट कंपनी का कहना है कि भारत में इंवेस्टमेंट सेगमेंट में यह इसकी मजबूत शुरुआत है।
JioBlackRock के पहले ऑफर को हर तरफ से तगड़ा रिस्पांस
जियोब्लैकरॉक का पहला इश्यू तीन दिनों के लिए खुला था। इसे इंस्टीट्यूशनल निवेशकों से ही नहीं बल्कि खुदरा निवेशकों से भी तगड़ा रिस्पांस मिला। एसेट मैनेजमेंट कंपनी के ऐलान के मुताबिक इस इश्यू में 90 से अधिक इंस्टीट्यूशनल इंवेस्टर्स और 67 हजार से अधिक खुदरा निवेशकों ने हिस्सा लिया। यह एनएफओ 2 जुलाई 2025 को बंद हुआ था और यह देश के कैश/डेट फंड सेगमेंट में सबसे बड़े इश्यू में शुमार था। इस एनएफओ के जरिए डेट एयूएम (एसेट्स अंडर मैनेजमेंट) के हिसाब से जियोब्लैकरॉक एसेट मैनेजमेंट 47 फंड हाउसेज के बीच देश की 15 सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनियों में शुमार हो गई।
बदलाव लाने की दिशा में जियोब्लैकरॉक की मजबूत शुरुआत
जियोब्लैकरॉक एसेट मैनेजमेंट के पहले एनएफओ को निवेशकों का तगड़ा रिस्पांस मिला। इसे लेकर एसेट मैनेजमेंट कंपनी के एमडी और सीईओ सिद स्वामीनाथन का कहना है कि पहले एनएफओ को इंस्टीट्यूशनल और रिटेल इंवेस्टर्स से तगड़ा रिस्पांस देश में निवेश के उभरते निवेश माहौल में बदलाव लाने की दिशा में एक मजबूत शुरुआत है। जियोब्लैकरॉक एसेट मैनेजमेंट का कहना है कि इन फंडों के जरिए अलग-अलग प्रकार की जरूरतों के मुताबिक निवेशकों को लिक्विडिटी, रिस्क और रिटर्न के लक्ष्य को हासिल करने में मदद मिलती है।
जियोब्लैकरॉक एसेट मैनेजमेंट के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ सिद स्वामीनाथन ने कहा, "हमारे पहले एनएफओ को इंस्टीट्यूशनल और आम निवेशकों से शानदार प्रतिक्रिया मिली है। इससे पता चलता है कि निवेशक जियो ब्लैकरॉक एसेट मैनेजमेंट की नई सोच, मजबूत जोखिम प्रबंधन और डिजिटल तरीके पर भरोसा करते हैं। यह हमारे लिए एक बेहतरीन शुरुआत है, जिससे हम भारत में हर तरह के निवेशकों के लिए निवेश को आसान और बेहतर बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।"
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