Jio Financial Services Q3 : जियो फाइनेंशियल सर्विसेज 15 जनवरी को दिसंबर तिमाही के नतीजों की घोषणा करने वाली है। ऐसे में सभी की निगाहें इस NBFC कंपनी पर बनी हुई है। जियो फाइनेंशियल सर्विसेज के शेयरों की लिस्टिंग पिछले साल अगस्त 2023 में हुई थी, जिसके बाद अब कंपनी दूसरी बार तिमाही नतीजों का ऐलान करेगी। जियो फाइनेंशियल सर्विसेज के शेयर अगस्त 2023 में BSE पर 265 रुपये प्रति शेयर और NSE पर 262 रुपये प्रति शेयर के भाव पर लिस्ट हुए थे। 12 जनवरी को NSE पर स्टॉक 254.90 रुपये पर बंद हुआ है।
सितंबर तिमाही में 101 फीसदी बढ़ा मुनाफा
जुलाई-सितंबर तिमाही में जियो फाइनेंशियल सर्विसेज का मुनाफा तिमाही आधार पर 101 फीसदी बढ़ा था। टैक्स चुकाने के बाद कंपनी का प्रॉफिट 668 करोड रुपए रहा, जबकि इसका रिवेन्यू 47 फीसदी बढ़कर 608.04 करोड़ रुपये हो गया।
अभी तक कई ब्रोकरेज कंपनियां स्टॉक को कवर नहीं करती हैं। KRChoksey उन कुछ नामों में से है, जिन्होंने कवरेज शुरू किया है। ब्रोकरेज हाउस ने इसे Buy रेटिंग दी है और इसके लिए 290 रुपये प्रति शेयर का टारगेट प्राइस तय किया है। KRChoksey के एनालिस्ट्स ने कहा, "हमें उम्मीद है कि FY24 में कंपनी के लेंडिंग बिजनेस का AUM (एसेट अंडर मैनेजमेंट) 4600 करोड़ रुपये हो जाएगा।"
ब्रोकरेज ने नोट में कहा कि जियो फाइनेंशियल सर्विसेज एक होल्डिंग कंपनी है। यह अपने फाइनेंशियल सर्विसेज बिजनेस को अपनी कंज्यूमर-फेसिंग सब्सिडियरी कंपनियों के माध्यम से ऑपरेट करेगी। इसकी सब्सिडियरी कंपनियों में जियो फाइनेंस लिमिटेड, जियो इंश्योरेंस ब्रोकिंग लिमिटेड और जियो पेमेंट सॉल्यूशंस लिमिटेड (JPSL) और ज्वाइंट वेंचर यानी जियो पेमेंट्स बैंक लिमिटेड (JPBL) शामिल हैं।
ब्रोकरेज ने कहा कि मोबाइल ऐप्स के बढ़ते इस्तेमाल और यूपीआई-बेस्ड पेमेंट की ओर जोर देने से जियो फाइनेंशियल को पेरेंट ग्रुप के मजबूत कस्टमर बेस को देखते हुए वॉल्यूम में मजबूत ग्रोथ देखने को मिलेगी।
ब्लैकरॉक के साथ ज्वाइंट वेंचर का ऐलान
जियो फाइनेंशियल सर्विसेज ने ग्लोबल एसेट मैनेजमेंट कंपनी ब्लैकरॉक के साथ एक ज्वाइंट वेंचर का ऐलान भी किया है। अक्टूबर 2023 में दोनों कंपनियों ने भारत में म्यूचुअल फंड बिजनेस शुरू करने के लिए मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास कागजात दाखिल किए। फिलहाल इसके लिए सैद्धांतिक मंजूरी पर विचार चल रहा है। जियो फाइनेंशियल सर्विसेज को पहले रिलायंस स्ट्रैटेजिक इन्वेस्टमेंट्स के नाम से जाना जाता था। यह रिलायंस इंडस्ट्रीज से अलग होकर 21 अगस्त को एक अलग एंटिटी के रूप में लिस्ट हुई।
(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल, नेटवर्क18 ग्रुप का हिस्सा है। नेटवर्क18 का नियंत्रण इंडिपेंडेट मीडिया ट्रस्ट करता है, जिसकी एकमात्र लाभार्थी रिलायंस इंडस्ट्रीज है।)