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Lahori Zeera कम खर्च में तेजी से आगे बढ़ने के लिए Bisleri वाली राह पर, को-बॉटलर्स के साथ कर रही कॉन्ट्रैक्ट

Lahori Zeera जैसे नए ब्रांड नॉन-एल्कोहलिक रेडी-टू-ड्रिंक सेगमेंट में बढ़ती मांग का फायदा उठा रहे हैं। जहां एक ओर बड़ी कंपनियां अपनी डिस्ट्रीब्यूशन कैपेसिटी का प्रदर्शन कर रही हैं और स्थानीय स्तर पर मौजूदगी बढ़ाने के लिए इंसेंटिव दे रही हैं, वहीं लाहौरी जैसे ब्रांड अपने खुद के मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगाने के लिए मोटा निवेश करने से बच रहे हैं

Edited By: Ritika Singhअपडेटेड Jul 14, 2025 पर 11:28 PM
Lahori Zeera कम खर्च में तेजी से आगे बढ़ने के लिए Bisleri वाली राह पर, को-बॉटलर्स के साथ कर रही कॉन्ट्रैक्ट
सोडा ब्रांड लाहौरी जीरा का वित्त वर्ष 2024-25 में रेवेन्यू 535 करोड़ रुपये रहा।

सोडा ब्रांड लाहौरी जीरा (Lahori Zeera) अपनी ग्रोथ के लिए बिसलेरी की राह पर चलने की सोच रहा है। कंपनी चाहती है कि उसका सोडा ज्यादा से ज्यादा खुदरा दुकानों में और ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचे। लेकिन साथ ही वह खुद के मैन्युफैक्चरिंग प्लांट बढ़ाने के लिए मोटा निवेश करने की तैयारी नहीं कर रही है, बल्कि इसकी जगह मैन्युफैक्चरिंग आउटसोर्स करने की सोच रही है। इसका मतलब है कि किसी और से मैन्युफैक्चरिंग या पैकेजिंग और डिस्ट्रीब्यूटिंग कराना यानि कि को-बॉटलर्स।

बिसलेरी वाली अप्रोच क्या है? दरअसल बिसलेरी की सफलता में इसकी हाइपरलोकल प्रेजेंस का बहुत बड़ा हाथ है। यह छोटी से लेकर बड़ी तक लगभग हर दुकान में उपलब्ध कराई गई। इसकी सफलता का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि कई जगहों पर लोगों के लिए बोतलबंद पानी का दूसरा नाम ही बिसलेरी है। लेकिन ​उसने विस्तार को-बॉटलर्स के जरिए किया।

अब तक 4 को-बॉटलर्स के साथ कॉन्ट्रैक्ट: लाहौरी जीरा के को-फाउंडर निखिल डोडा

लाहौरी जीरा के को-फाउंडर निखिल डोडा ने मनीकंट्रोल को एक इंटरव्यू में कहा, 'बिसलेरी की भारत में हर 200 किलोमीटर पर एक मैन्युफैक्चरिंग यूनिट है। उनका विस्तार इसी तरह का है और वे अलग-अलग को-बॉटलर्स के साथ काम करते हैं। हम इसी मॉडल पर चलेंगे। हमारा इरादा लगभग हर राज्य में स्थानीय मौजूदगी बनाने और एक लोकल प्लांट स्थापित करने का है। हमने अब तक 4 को-बॉटलर्स के साथ कॉन्ट्रैक्ट किया है और अगले दो साल में हम 20 के साथ कॉन्ट्रैक्ट करने का प्लान कर रहे हैं।"

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