Layoff News: GCCs में मचने वाली है भगदड़, भारत में जाएगी 1000 की नौकरी, AUMOVIO का बिग प्लान

Layoffs News: भारत ग्लोबल ऑटोमोटिव आरएंडडी और सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट के प्रमुख हब के रूप में उभरा है। हालांकि अब AUMOVIO ने भारत में आरएंडडी से जुड़े 1 हजार एंप्लॉयीज के छंटनी की योजना का खुलासा कर मल्टीनेशनल जीसीसी में बढ़ती लागत और प्रोडक्टिविटी को लेकर सवाल खड़े कर दिए, वह भी ऐसे समय में जब कंपनियां सॉफ्टवेयर से जुड़ी मोबिलीट और एडवांस्ड ऑटोमोटिव टेक पर दांव जारी रखी हैं

अपडेटेड Feb 10, 2026 पर 12:10 PM
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Layoff News: देश के ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs) में छंटनी का असर देखने को मिल रहा है। जर्मनी की ऑटोमोटिव टेक्नोलॉजी कंपनी AUMOVIO अपने वैश्विक R&D (रिसर्च एंड डेवलपमेंट) में बड़े पैमाने पर बदलाव कर रही है और इसके तहत भारत में करीब 1,000 एंप्लॉयीज की छंटनी होने वाली है। इसकी पुष्टि खुद कंपनी ने की है। मनीकंट्रोल के पूछ गए सवालों के जवाब में AUMOVIO ने कहा कि वह अपनी आरएंडडी स्ट्रैटेजी पर काम कर रही है ताकि नई तकनीकों पर फोकस बढ़ाया जा सके, सॉफ्टवेयर-डिफाइंड वेईकल्स (SDV) जैसे क्षेत्रों में विकास को रफ्तार तेज की जा सके, टेक्नोलॉजी साझेदारियों को मजबूत किया जा सके और ओवरऑल एफिसिएंसी बढ़ाई जा सके।

दुनिया भर में 4000 एंप्लॉयीज की नौकरी पर लटकी तलवार

AUMOVIO के देश में करीब 6 हजार एंप्लॉयीज हैं तो करीब 1 हजार की छंटनी का मतलब करीब 16-17% एंप्लॉयीज की छुट्टी होने वाली है। दुनिया भर में कंपनी की नई स्ट्रैटेजी का असर भारत, सिंगापुर, रोमानिया, सर्बिया, जर्मनी और मेक्सिको के करीब 4 हजार एंप्लॉयीज पर पड़ेगा। कंपनी का कहना है कि यह बाजार की बदलती परिस्थितियों और तकनीकी प्राथमिकताओं में बदलाव के चलते व्यापक R&D रणनीति को रीसेट करने का हिस्सा हैं। कंपनी का कहना है कि स्थानीय नियम-कानून के तहत एंप्लॉयीज से इसे लेकर बातचीत हो चुकी है और इस साल 2026 के आखिरी तक यह काम पूरा हो जाएगा। कंपनी का लक्ष्य साल 2027 तक आरएंडडी पर अपने खर्च को सेल्स के 10% से नीचे लाना है जबकि साल 2025 की तीसरी तिमाही में यह रेश्यो 11.9% था।


EIIRTrend के सीईओ और लीड एनालिस्ट पारीख जैन (Pareekh Jain) के मुताबिक दुनिया भर में ऑटो सेक्टर मैक्रोइकनॉमिक दबाव, टैरिफ को लेकर अनिश्चितता, चीन से बढ़ती प्रतिस्पर्धा और ईवी नीतियों पर स्पष्टता की कमी के चलते दबाव में है, जिसके चलते ऑटोमेकर्स और सप्लायर्स में छंटनी हो रही है। उन्होंने कहा कि पहली छंटनी की मार अमेरिका और यूरोप में हुई, वहीं अब इसका असर भारत तक फैल रहा है, जिसमें कई सेक्टर्स के GCCs शामिल हैं। उन्होंने आगे कहा कि जब कंपनियां नौकरियों में कटौती करती हैं, तो भारतीय GCCs भी इससे बचे नहीं रह सकते क्योंकि अब इन्हें सिर्फ लागत बचाने के लिए नहीं लगाया जाता है। साल 2024 में Aumovio की सेल्स €1960 करोड़ (₹1,76,400 करोड़) थी और साल 2025 की तीसरी तिमाही तक आरएंडडी पर सेल्स का 11.9% यानी करीब €23- करोड़ (₹20,700 करोड़) खर्च हुआ था।

AUMOVIO के बारे में

पहले AUMOVIO दुनिया की सबसे ऑटोमोटिव सप्लायर्स में शुमार Continental का हिस्सा थी। यह टायर, ब्रेकिंग सिस्टम, इलेक्ट्रॉनिक्स और एडवांस्ड ड्राइवर-असिस्टेंस टेक्नोलॉजीज बनाती है। स्पिन-ऑफ के बाद यह अब सेंसर, ब्रेकिंग/कम्फर्ट सिस्टम और एआई-से लैस एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम्स (ADAS) डेवलप करती है, जिसका लक्ष्य सड़कों पर सेफ्टी बढ़ाना और ड्राइवर की गलतियों को कम करना है।

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