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LIC पॉलिसी पर लोन: बिना झंझट पाएं तुरंत कैश! जानें एलिजिबिलिटी, ब्याज दर, रिपेमेंट टेन्योर और बाकी जरूरी बातें

'LIC पॉलिसी पर लोन' बिना झंझट के इंस्टेंट फंड पाने का एक आसान तरीका है, जिसमें न तो कोई एसेट बेचना पड़ता है और न ही ज्यादा डॉक्युमेंटेशन होता है. आकर्षक ब्याज दरों और फ्लेक्सिबल रीपेमेंट ऑप्शन के साथ, यह लोन उन पॉलिसीहोल्डर्स के लिए आदर्श है, जिन्हें इंस्टेंट कैश की जरूरत पड़ जाती है.

MoneyControl Newsअपडेटेड Mar 11, 2026 पर 5:56 PM
LIC पॉलिसी पर लोन: बिना झंझट पाएं तुरंत कैश! जानें एलिजिबिलिटी, ब्याज दर, रिपेमेंट टेन्योर और बाकी जरूरी बातें

बिना कोई एसेट बेचे या झंझट भरी कागजी कार्रवाई के इंस्टेंट फंड की जरूरत है? ऐसी स्थिति में अपनी LIC पॉलिसी पर लोन लेना एक बेहतरीन ऑप्शन साबित हो सकता है. इसमें आपकी इंश्योरेंस पॉलिसी गिरवी एसेट के रूप में काम करती है, इसलिए फंड पाना आसान हो जाता है. अपनी LIC पॉलिसी की सरेंडर वैल्यू के आधार पर और इंश्योरेंस के फायदे बरकरार रखते हुए, आप इस तरह का लोन ले सकते हैं.

यहां हम एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया, लोन अमाउंट, ब्याज दर और रिपेमेंट के ऑप्शंस के बारे में पूरी जानकारी दे रहे हैं. 

‘LIC पॉलिसी पर लोन’ क्या है?

भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) अपने पॉलिसीहोल्डर्स को कुछ खास इंश्योरेंस स्कीम पर सीधे कंपनी से लोन लेने की सुविधा देता है. LIC इस पॉलिसी को तब तक गिरवी रखती है, जब तक लोन चुकता नहीं हो जाता. एंडोमेंट प्लान, होल लाइफ प्लान, मनी-बैक प्लान और पेंशन प्लान ऐसी स्कीम हैं, जिन्हें गिरवी रखकर लोन लिया जा सकता है.

यह एक सिक्योर्ड लोन है, इसलिए किसी अतिरिक्त सिक्योरिटी की जरूरत नहीं होती और अप्रूवल भी जल्दी होता है. अगर बॉरोअर लोन नहीं चुकाता, तो LIC यह अमाउंट इंश्योरेंस प्लान के मैच्योरिटी या डेथ बेनिफिट (अगर पॉलिसीहोल्डर की मृत्यु हो जाए) से वसूल सकता है.

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