देश का व्यापार घाटा (Trade Deficit) मई महीने में बढ़कर 23.33 अरब डॉलर पर पहुंच गया। कॉमर्स मिनिस्ट्री की तरफ से गुरुवार को जारी आंकड़ों से यह जानकारी मिली है। मिनिस्ट्री ने बताया कि मई में भारत का मर्चेंडाइज एक्सपोर्ट (Exports) यानी निर्यात 15.46 फीसदी बढ़कर 37.29 अरब डॉलर रहा। मुख्य रूप से पेट्रोलियम उत्पाद (52.71 फीसदी), इलेक्ट्रॉनिक्स सामान (41.46 फीसदी) और टेक्सटाइल्स सेक्टर (22.94 फीसदी) के अच्छे प्रदर्शन से मई में निर्यात बढ़ा है।
कॉमर्स मिनिस्ट्री ने बताया कि मई में भारत का इंपोर्ट (Import) यानी आयात भी 56.14 फीसदी बढ़कर 60.62 अरब डॉलर रहा, जो पिछले साल के इसी महीने में 38.83 अरब डॉलर रहा था। इस तरह आयात अधिक रहने मई में व्यापार घाटे में बढ़ोतरी रही। मई में सबसे अधिक पेट्रोलियम और क्रूड ऑयल के इंपोर्ट में बढ़ोतरी देखी गई, जो 91.6 फीसदी बढ़कर 18.14 अरब डॉलर रहा।
पिछले साल मई में व्यापार घाटा 6.53 अरब डॉलर रहा था। मई 2021 महीने में व्यापार घाटा कम रहने के पीछे एक वजह यह भी कि तब कोरोना महामारी की दूसरी लहर के चलते लॉकडाउन लगा था। ऐसे में उस समय विदेशों से कम आयात देखने को मिला था।
दो महीने में 22.26% एक्सपोर्ट
मिनिस्ट्री ने बताया, "वित्त वर्ष 2023 के पहले दो महीनों, यानी अप्रैल और मई में देश का कुल मर्चेंडाइज एक्सपोर्ट 22.26 फीसदी बढ़कर 77.08 अरब डॉलर पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष के पहले दो माह में निर्यात का आंकड़ा 63.05 अरब डॉलर रहा था।"
कोयला और सोने का भी आयात बढ़ा
मई, 2022 में पेट्रोलियम और कच्चे तेल का आयात 91.6 फीसदी उछलकर 18.14 अरब डॉलर पर पहुंच गया। इस दौरान कोयला, कोक और ब्रिकेट्स का आयात बढ़कर 5.33 अरब डॉलर पर पहुंच गया, जो पिछले साल के समान महीने में दो अरब डॉलर रहा था। मई में सोने का आयात बढ़कर 5.82 अरब डॉलर पर पहुंच गया, जो मई 2021 में 67.7 करोड़ डॉलर रहा था।