मोदी के तीसरे कार्यकाल में इलेक्ट्रिक गाड़ियां होंगी सस्ती? इंडस्ट्री को सरकार से इन इनसेंटिव्स के मिलने की उम्मीद

सरकार अगली तिमाही में EV इनसेंटिव स्कीम के तीसरे संस्करण को हरी झंडी दे सकती है, जिसे "फास्टर एडॉप्शन एंड मैन्युफैक्चरिंग ऑफ इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (FAME)" के नाम से जाना जाता है। इंडस्ट्री का मोटे तौर पर यह मानना है कि FAME-III के तहत इलेक्ट्रिक टूव्हीलर, थ्रीव्हीलर और सरकारी स्वामित्व वाली बसों की खरीद के लिए वित्तीय प्रोत्साहन का ऐलान किया जा सकता है

अपडेटेड Jun 10, 2024 पर 4:13 PM
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FAME 3 योजना की अवधि पांच साल की जगह 2 साल हो सकती है

ऑटो इंडस्ट्री को उम्मीद है कि मोदी की अगुआई वाली नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस (NDA) सरकार अपने तीसरे कार्यकाल में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) को बढ़ावा देने पर जोर देगी और इसके लिए और अधिक इनसेंटिव्स का ऐलान कर सकती है। मोदी सरकार ने अपने दूसरे कार्यकाल के दौरान FAME-2 स्कीम (31 मार्च तक लागू), EV मैन्युफैक्चरिंग पॉलिसी और प्रोडक्शन-लिंक्ड इनसेंटिव (PLI) जैसी योजनाओं के जरिए इलेक्ट्रिक गाड़ियों को बढ़ावा दिया है, जिससे इनके चलन में तेजी आई। अब तीसरे कार्यकाल के दौरान सरकार जीरो कार्बन उत्सर्जन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताते हुए इस सेगमेंट पर और अधिक फोकस कर सकती है।

इंडस्ट्री के एग्जिक्यूटिव्स के मुताबिक, सरकार अगली तिमाही में EV इनसेंटिव स्कीम के तीसरे संस्करण को हरी झंडी दे सकती है, जिसे "फास्टर एडॉप्शन एंड मैन्युफैक्चरिंग ऑफ इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (FAME)" के नाम से जाना जाता है।

इंडस्ट्री का मोटे तौर पर यह मानना है कि FAME-III के तहत इलेक्ट्रिक टूव्हीलर, थ्रीव्हीलर और सरकारी स्वामित्व वाली बसों की खरीद के लिए वित्तीय प्रोत्साहन का ऐलान किया जा सकता है। हालांकि संशोधित FAME पॉलिसी में अभी तक टैक्सी एग्रीगेटर्स जैसी संस्थाओं की ओर से खरीदी गई इलेक्ट्रिक कारों को शामिल करने पर कोई फैसला नहीं लिया गया है।


इंडस्ट्री के जानकारों के मुताबिक, पिछले संस्करण के विपरीत FAME 3 योजना में बड़े पैमाने पर इलेक्ट्रिक बसों और इलेक्ट्रिक ट्रकों के विकास और अपनाने पर फोकस किया जाएगा। साथ ही, यह अनुमान लगाया जा रहा है कि नई योजना की अवधि दो साल होगी, जो FAME-2 की निर्धारित अवधि पांच साल से कम है।

EV कंपनियों सहित इंडस्ट्री के कई स्टेकहोल्डर्स ने मनीकंट्रोल को बताया कि गठबंधन सरकार की मजबूरियों के बावजूद, मोदी 3.0 के दौरान ईवी इकोसिस्टम और जीरो कार्बन उत्सर्जन के लक्ष्य पर जोर जारी रहेगा। ओमेगा सेकी मोबिलिटी (OSM) के चेयरमैन उदय नारंग ने कहा, "हम इलेक्ट्रिक ट्रकों की ओर एक बड़ा कदम देख रहे हैं और हमारा मानना ​​है कि 1 टन, 3 टन और 0.5 टन के ट्रक सबसे आगे हैं।"

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