Tax collection: 1 अप्रैल से 17 सितंबर के बीच नेट डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन 9.18% बढ़कर 10.82 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा हो गया है। सरकार द्वारा गुरुवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक, इस दौरान टैक्स रिफंड्स में 23.87% की तेज गिरावट देखने को मिली। वहीं, ग्रॉस टैक्स कलेक्शन 3.39% बढ़ा।
इस अवधि में कुल 4.72 लाख करोड़ रुपये कॉरपोरेट टैक्स, 5.83 लाख करोड़ रुपये नॉन-कॉरपोरेट टैक्स, 26 हजार करोड़ रुपये सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) और 291 करोड़ रुपये अन्य टैक्स के रूप में आए।
आयकर विभाग के मुताबिक, कुल ग्रॉस टैक्स कलेक्शन 12.43 लाख करोड़ रुपये रहा। वहीं, रिफंड्स घटकर 1.60 लाख करोड़ रुपये रह गए।
एडवांस टैक्स कलेक्शन का हाल
एडवांस टैक्स कलेक्शन इस अवधि में 2.90% बढ़कर 4.48 लाख करोड़ रुपये रहा। इसमें कॉरपोरेट टैक्स 3.52 लाख करोड़ रुपये रहा, जो 6.11% ज्यादा है। वहीं नॉन-कॉरपोरेट टैक्स 96.7 हजार करोड़ रुपये रहा, जिसमें 7.30% की गिरावट दर्ज की गई।
वित्त वर्ष 2024-25 (FY25) में इसी अवधि में नेट डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन 9.91 लाख करोड़ रुपये था। उस समय ग्रॉस टैक्स कलेक्शन 12.02 लाख करोड़ रुपये और रिफंड्स 2.10 लाख करोड़ रुपये रहे थे।
इसी अवधि में एडवांस टैक्स कलेक्शन 4.36 लाख करोड़ रुपये था। इसमें 3.32 लाख करोड़ रुपये कॉरपोरेट टैक्स और 1.04 लाख करोड़ रुपये नॉन-कॉरपोरेट टैक्स शामिल था।
नॉन-कॉरपोरेट टैक्स किनसे आता है
नॉन-कॉरपोरेट टैक्स में इंडिविजुअल टैक्सपेयर्स, हिंदू अविभाजित परिवार (HUFs), फर्म्स, AoPs, BoIs, स्थानीय निकाय और आर्टिफिशियल ज्यूरिडिकल पर्सन द्वारा दिया गया टैक्स शामिल होता है।
FY26 के लिए सरकार का लक्ष्य
मौजूदा वित्त वर्ष 2025-26 में सरकार ने डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन का लक्ष्य 25.20 लाख करोड़ रुपये रखा है, जो सालाना आधार पर 12.7% ज्यादा है। वहीं, सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) से सरकार को 78,000 करोड़ रुपये जुटाने की उम्मीद है।
नेट डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन क्या होता है?
नेट डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन का मतलब है सरकार को सीधे करदाताओं से मिलने वाली कुल टैक्स की रकम। इसमें से रिफंड की रकम घटा दी जाती है। आसान भाषा में कहें तो सरकार जितना टैक्स लोगों और कंपनियों से वसूलती है, उसमें से जो पैसा वापस किया जाता है उसे घटाकर जो रकम बचती है, वही नेट डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन कहलाती है।