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New Labour Code: नए लेबर कोड में कुछ बदलाव की तैयारी, घट सकता है आपका अलाउन्सेज

वेजेज पर लेबर कोड को 2019 में संसद ने पारित किया था। इंडस्ट्रियल रिलेशंस कोड को पिछले साल सितंबर में मंजूरी मिली। संसद से पारित चार कोड से जुड़े नियम पिछले साल मार्च तक तैयार हो गए थे। लेकिन, कुछ खास मसलों पर इंप्लॉयीज और इंप्लॉयर्स के कड़े विरोध के चलते उन्हें लागू नहीं किया जा सका है

MoneyControl Newsअपडेटेड Feb 07, 2022 पर 4:30 PM
New Labour Code: नए लेबर कोड में कुछ बदलाव की तैयारी, घट सकता है आपका अलाउन्सेज
इंडस्ट्री ने अलाउन्सेज के लिए 50 फीसदी सीमा का विरोध किया है। उसकी दलील है कि इससे उनकी इंप्लॉयीज कॉस्ट बढ़ जाएगी।

नया लेबर कोड लागू होने के बाद वेजेज में आपके अलाउन्सेज की हिस्सेदारी घट जाएगी। पहले साल अलाउन्सेज के लिए वेजेज की 75-80 फीसदी लिमिट होगी। इसे घटाकर तीन साल में 50 फीसदी तक लाया जा सकता है। नए प्रस्तावित लेबर कोड में कुछ और बदलाव की सरकार की योजना है।

इंडस्ट्रियल रिलेशंस कोड के तहत कर्मचारियों की छंटनी या कारोबार बंद करने के लिए 100 तक इंप्लॉयीज वाली कंपनियों को सरकार की इजाजत लेना अनिवार्य होगा। इसे प्रस्तावित नए लेबर कोड में इसके लिए 300 इंप्लॉयीज की लिमिट तय की गई थी। लेकिन लेबर यूनियंस के विरोध के बाद इसे 100 करने पर विचार हो रहा है।

इंडस्ट्री ने अलाउन्सेज के लिए 50 फीसदी सीमा का विरोध किया है। उसकी दलील है कि इससे उसकी इंप्लॉयीज कॉस्ट बढ़ जाएगी। नए लेबर कोड में वेजेज (Wages) में सैलरी और अलाउन्सेज शामिल होंगे। इसमें बेसिक पे, डियरनेस अलाउन्सेज और रिटेनिंग अलाउन्सेज भी शामिल होंगे। लेकिन, हाउस रेंट और ओवरटाइम अलाउन्सेज शामिल नहीं होंगे।

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