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नहीं विलय होंगी सरकारी इंश्योरेंस कंपनियां, सरकार ने किया खुलासा, पहले ये था प्लान

Merger of PSU General Insurance Companies: डिपार्टमेंट ऑफ फाइनेंशियस सर्विसेज के सेक्रेटरी एम नागाराजू ने सरकारी बीमा कंपनियों के विलय से जुड़ी किसी योजना से इनकार किया है। उन्होंने आगे कहा कि एक बार नीतिगत फैसला हो जाने के बाद सरकार इसे जारी कर देगी। उन्होंने ये बातें फर्स्ट रेजिडेंशियल मॉर्गेज-बैक्ड सिक्योरिटीज की लिस्टिंग के मौके पर कही

Edited By: Jeevan Deep Vishawakarmaअपडेटेड May 05, 2025 पर 3:26 PM
नहीं विलय होंगी सरकारी इंश्योरेंस कंपनियां, सरकार ने किया खुलासा, पहले ये था प्लान
सरकार ने अभी तो इससे इनकार कर दिया है कि चार सरकारी जनरल इंश्योरेंस कंपनियों के विलय की कोई योजना है। हालांकि मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इन कंपनियों को मिलाने की योजना इसलिए बन रही है, ताकि प्राइवेट बीमा कंपनियों के साथ भिड़ंत के लिए एक जनरल इंश्योरेंस कंपनी तैयार हो सके।

डिपार्टमेंट ऑफ फाइनेंशियस सर्विसेज के सेक्रेटरी एम नागाराजू ने सरकारी बीमा कंपनियों के विलय से जुड़ी किसी योजना से इनकार किया है। उन्होंने आगे कहा कि एक बार नीतिगत फैसला हो जाने के बाद सरकार इसे जारी कर देगी। उन्होंने ये बातें फर्स्ट रेजिडेंशियल मॉर्गेज-बैक्ड सिक्योरिटीज की लिस्टिंग के मौके पर कही। उन्होंने कहा कि सरकारी बीमा कंपनियों के विलय पर अभी कोई फैसला नहीं हुआ है लेकिन जब कोई नीतिगत फैसला लिया जाएगा तो इसे सामने रखा जाएगा। पिछले हफ्ते कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि सरकार चार सरकारी जनरल इंश्योरेंस कंपनियों- न्यू इंडिया एश्योरेंस, नेशनल इंश्योरेंस, ओरिएंटल इंश्योरेंस और यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस को आपस में मिलाने पर विचार कर रही है।

विलय को लेकर क्यों हो रही चर्चा?

सरकार ने अभी तो इससे इनकार कर दिया है कि चार सरकारी जनरल इंश्योरेंस कंपनियों के विलय की कोई योजना है। हालांकि मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इन कंपनियों को मिलाने की योजना इसलिए बन रही है, ताकि प्राइवेट बीमा कंपनियों के साथ भिड़ंत के लिए एक जनरल इंश्योरेंस कंपनी तैयार हो सके। इस विलय से देश भर में सामान्य बीमा सेवाओं के विस्तार और पहुंच को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

सात साल पुराना है विलय का प्रस्ताव

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