Ola Electric के ग्राहकों को बड़ी राहत, EV चार्जर खरीदने वालों को कंपनी लौटाएगी 130 करोड़ रुपये, जानिए पूरा मामला

एक व्हिसिल​ ब्लोअर की शिकायत के मुताबिक इन कंपनियों पर आरोप है कि इन्होंने सब्सिडी का दावा करने के लिए जानबूझकर अपने स्कूटर्स की कीमतों को कम रखा, लेकिन चार्जर और सॉफ्टवेयर के नाम पर ग्राहकों से अलग से पैसे वसूल लिए। रिपोर्ट के मुताबिक जांच के जवाब में अब कंपनी ने सरकार से कहा है कि वह चार्जर की कीमत के लिए ग्राहकों को मुआवजा देने के लिए तैयार है

अपडेटेड May 01, 2023 पर 9:09 PM
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इलेक्ट्रिक (Ola Electric) ने कहा है कि वह ईवी चार्जर खरीदने वाले ग्राहकों को लगभग 130 करोड़ रुपये वापस करेगी।

इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बनाने वाली कंपनी ओला इलेक्ट्रिक (Ola Electric) ने कहा है कि वह ईवी चार्जर खरीदने वाले ग्राहकों को लगभग 130 करोड़ रुपये वापस करेगी। एक व्हिसिल​ ब्लोअर की शिकायत के मुताबिक ओला इलेक्ट्रिक समेत 4 कंपनियों पर आरोप है कि इन्होंने सब्सिडी का दावा करने के लिए जानबूझकर अपने स्कूटर्स की कीमतों को कम रखा, लेकिन चार्जर और सॉफ्टवेयर के नाम पर ग्राहकों से अलग से पैसे वसूल लिए। CNBC-TV18 की रिपोर्ट के मुताबिक भारी उद्योग मंत्रालय द्वारा अधिक मूल्य रखने को लेकर शुरू की गई जांच के जवाब में अब कंपनी ने सरकार से कहा है कि वह चार्जर की कीमत के लिए मुआवजा देने के लिए तैयार है।

इन कस्टमर्स को मिलेगा मुआवजा

एक सरकारी अधिकारी ने कहा कि ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ARAI) ओला इलेक्ट्रिक के खिलाफ आगे कोई कार्रवाई नहीं करेगा, क्योंकि कंपनी ने 30 अप्रैल 2023 को ARAI को लिखे अपने पत्र में घोषणा की है कि वे अपनी मर्जी से सभी ग्राहकों को ऑफ-बोर्ड चार्जर की कीमत (लगभग 130 करोड़ रुपये) के लिए मुआवजा देगी। यह मुआवजा उन कस्टमर्स को दिया जाएगा जिन्होंने FY 2019-20 से 30 मार्च 2023 तक Ola S1Pro मॉडल स्कूटर खरीदते समय चार्जर को एक्सेसरी के रूप में खरीदा है।


सरकार की जांच को लेकर कंपनी ने क्या कहा?

सरकार की जांच और सब्सिडी रोकने के बारे में पूछे जाने पर ओला इलेक्ट्रिक के फाउंडर और CEO भाविश अग्रवाल ने हाल ही में CNBC-TV18 को बताया था कि सरकार जो भी करने के लिए कहेगी, कंपनी करेगी। इसके साथ ही उन्होंने आगे कहा कि ओला इलेक्ट्रिक सभी मुद्दों को सुलझाने के लिए सरकार से बात कर रही है।

क्या है मामला

​एक व्हिसिल​ ब्लोअर की शिकायत के बाद भारी उद्योग मंत्रालय द्वारा हीरो मोटोकॉर्प, टीवीएस मोटर कंपनी, एथर एनर्जी और ओला इलेक्ट्रिक की जांच की जा रही है। इन कंपनियों पर आरोप है कि इन्होंने सब्सिडी का दावा करने के लिए जानबूझकर अपने स्कूटर्स की कीमतों को कम रखा है। कंपनियों पर आरोप है कि उन्होंने सब्सिडी का फायदा उठाने के लिए वाहनों की कीमत को कम तो रखा लेकिन चार्जर और सॉफ्टवेयर के नाम पर ग्राहकों से अलग से पैसे वसूल लिए।

बता दें कि FAME स्कीम के तहत केवल उन इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर के लिए सब्सिडी का दावा किया जा सकता है जिनकी कीमत 1.50 लाख रुपये से कम है। कंपनियों ने पहले दावा किया था कि अतिरिक्त लागत अतिरिक्त सॉफ्टवेयर फीचर्स और ऑफ बोर्ड चार्जर के लिए थी।

ओला इलेक्ट्रिक ने घटाए स्कूटर के दाम

एथर एनर्जी और ओला इलेक्ट्रिक दोनों ने स्कीम के एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया को पूरा करने के लिए अपने इलेक्ट्रिक स्कूटर की कीमत भी कम कर दी है। ओला इलेक्ट्रिक ने हाल ही में अपने इलेक्ट्रिक स्कूटर की कीमत 1.39 लाख रुपये से घटाकर 1.24 लाख रुपये कर दी है, जिसमें चार्जर और सॉफ्टवेयर फीचर शामिल हैं। ओला इलेक्ट्रिक द्वारा ARAI को सर्टिफाइड स्टेटमेंट पेश करने की भी संभावना है, जब सभी ग्राहकों को उनके द्वारा देय राशि प्राप्त हो गई है।

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