पड़ोसी देश पाकिस्तान (Pakistan) अगले तीन हफ्तों में दिवालिया हो सकता है। पाकिस्तान के विदेशी मुद्रा भंडार में इस वक्त सिर्फ तीन हफ्ते का विदेश से सामान मंगाने का पैसा बचा है। अगर पाकिस्तान को जल्द कोई वित्तीय मदद नहीं मिली, तो वहां वैसा ही आर्थिक संकट पैदा हो सकता है, जैसा कुछ महीने पहले श्रीलंका में देखने को मिला था। पाकिस्तान के केंद्रीय बैंक ने शुक्रवार 3 फरवरी को बताया कि उसका विदेशी मुद्रा भंडार 16.1 प्रतिशत की तेज गिरावट के साथ 10 साल के निचले स्तर पर लुढ़क गया है। विदेशी कर्ज चुकाने के चलते पिछले एक साल में पाकिस्तान का विदेशी मुद्रा भंडार करीब 59.2 करोड़ डॉलर घटा है।
स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान (SBP) ने बताया कि उसके पास इस समय 3.09 अरब डॉलर का विदेशी मुद्रा भंडार बचा है। इसके अलावा करीब 5.65 अरब डॉलर की विदेशी मुद्रा कमर्शियल बैंकों के पास है। इस तरह देश में कुल विदेशी मुद्रा भंडार 8.74 अरब डॉलर है।
इनवेस्टमेंट फर्म आरिफ हबीब लिमिटेड के एक एनालिस्ट्स ने बताया कि यह फरवरी 2014 के बाद विदेशी मुद्रा भंडार का सबसे निचला स्तर है। आर्थिक मामलों के जानकारों का कहना है कि इस विदेशी मुद्रा भंडार से पाकिस्तान अपने सिर्फ 3 हफ्तों की जरूरत का सामान ही विदेशों से मंगा सकता है। इसके बाद वह आर्थिक संकट या दिवालियापन का शिकार हो सकता है।
पाकिस्तानी केंद्रीय बैंक ने पिछले हफ्ते फॉरेन करेंसी एक्सचेंज रेट पर लगी सीमा हटा दी थी। इस समय पाकिस्तानी रुपया, एक अमेरिकी डॉलर के मुकाबले करीब 270 रुपये के भाव पर कारोबार कर रहा है।
पाकिस्तान को सिर्फ IMF से मदद की आस
नकदी संकट से जूझ रही पाकिस्तान सरकार फिलहाल इंटरनेशनल मॉनिटरी फंड (IMF) से जरूरी राहत पैकेज पाने की कोशिश में है। IMF ने पाकिस्तान को राहत पैकेज देने से पहले बहुत सारी शर्तों को पूरा करने को कहा है, जिसे पाकिस्तान कुछ रियायत की मांग कर रहा है।
पाकिस्तान सरकार को उम्मीद है कि एक बार IMF से 7 अरब डॉलर के पैकेज मिलने के बाद, उसे अपने बाकी मित्र देशों से भी धन मिलने की उम्मीद बढ़ जाएगी। क्योंकि ये देश भी IMF के फैसले को बारीकी पर नजर बनाए रखे हुए हैं।