पर्सनल लोन अचानक से आए खर्चों को पूरा करने में कई बार मददगार साबित होता है. चाहे मेडिकल इमरजेंसी हो या घर का रेनोवेशन, पर्सनल लोन के जरिए आप तुरंत फंड जुटा सकते हैं. भारत में तेजी से बढ़ते डिजिटल लेंडिंग सेक्टर के चलते अब पर्सनल लोन लेना बेहद आसान हो गया है. अब आप अपने स्मार्टफोन से पर्सनल लोन के लिए अप्लाई कर सकते हैं और कुछ ही घंटों में पैसे आपके बैंक अकाउंट में आ जाते हैं. कई इंस्टेंट लोन ऐप्स तो कुछ ही मिनटों में लोन अप्रूव और डिस्बर्स कर देती हैं.
इन डिजिटल लेंडिंग प्लेटफॉर्म्स पर डॉक्युमेंट्स की जांच पूरी तरह से इलेक्ट्रॉनिक तरीके से होती है, जिसे e-KYC प्रोसेस कहते हैं. इस टेक्नोलॉजी-बेस्ड प्रोसेस में ID और एड्रेस प्रूफ के इंस्टेंट वेरिफिकेशन के साथ-साथ लोन प्रोसेसिंग का समय भी काफी कम हो जाता है.
'नो योर कस्टमर' यानी KYC बैंकों और NBFCs की तरफ से अपने ग्राहकों की पहचान वेरीफाई करने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाला एक जरुरी प्रोसेस है. जब यह प्रोसेस पूरी तरह डिजिटल तरीके से किया जाता है, तो इसे e-KYC कहते हैं. इस प्रोसेस में ग्राहक की बेसिक पर्सनल डिटेल्स जैसे - नाम, एड्रेस, जन्म तिथि और ID डॉक्यूमेंट (जैसे पासपोर्ट या ड्राइविंग लाइसेंस) जुटाई जाती है.
KYC का मकसद धोखाधड़ी, मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकवाद जैसी गैरकानूनी गतिविधियों के लिए फंडिंग को रोकना है. बैंक, ऑनलाइन सर्विस प्रोवाइडर और कई सरकारी एजेंसियां भी इस प्रोसेस को अपनाती हैं.
भारत में e-KYC आमतौर पर आधार-बेस्ड वेरिफिकेशन के जरिए होती है, जिसमें यूजर OTP, बायोमेट्रिक स्कैन या आधार-लिंक्ड डेटा से अपनी पहचान वेरीफाई करवाता है.
e-KYC ने पर्सनल लोन लेने का प्रोसेस काफी आसान और तेज बना दिया है, क्योंकि इसमें डिजिटल तरीकों से ID वेरिफिकेशन किया जाता है. इस समय कई बैंक और फिनटेक प्लेटफॉर्म इस सुविधा का इस्तेमाल करते हैं ताकि लोन अप्रूवल जल्दी हो सके.
उदाहरण के तौर पर, डिजिटल लेंडिंग प्लेटफॉर्म मनीकंट्रोल पर आप 100% पेपरलेस प्रोसेस के जरिए 50 लाख रुपए तक का पर्सनल लोन ले सकते हैं. यहां लोन पर ब्याज दरें 10.5% सालाना से शुरू होती हैं. यहां आपको सिर्फ लोन ऑफर फाइनल करना होता है, e-KYC वेरिफिकेशन पूरा करना होता है और आखिर में EMI सेट करनी होती है. इसके बाद पैसा सीधे आपके बैंक अकाउंट में ट्रांसफर हो जाता है.
अगर डिजीलॉकर या आधार OTP से वेरिफिकेशन नहीं हो पाता, तो यूजर को KYC डॉक्यूमेंट मैन्युअली अपलोड करने होते हैं.
कुछ लेंडर वीडियो KYC भी करते हैं.
e-KYC प्रोसेस ने भारत में लोन लेने के तरीके को पूरी तरह से बदल दिया है. अब बैंक की ब्रांच जाने या डॉक्यूमेंट ले जाने की जरूरत नहीं पड़ती. e-KYC के बाद बस कुछ ही मिनटों में पर्सनल लोन अमाउंट आपके अकाउंट में आ सकता है. हालांकि, e-KYC करते समय सतर्क रहना भी बेहद जरूरी है ताकि साइबर फ्रॉड से बचा जा सके. हमेशा सिर्फ उन्हीं डिजिटल लेंडिंग प्लेटफॉर्म्स पर लोन के लिए अप्लाई करें, जो RBI से अप्रूव्ड हों.
अगर आप भी पर्सनल लोन लेने की सोच रहे हैं, तो मनीकंट्रोल ऐप या वेबसाइट पर जाकर 50 लाख रुपए तक के लोन ऑफर चेक कर सकते हैं. यह पूरी तरह से पेपरलेस प्रोसेस है और ब्याज दरें भी सिर्फ 10.5% सालाना से शुरू होती हैं.