बड़ी रकम में लोन चाहिए? इन आसान तरीकों से अपनी पर्सनल लोन लिमिट बढ़ाएं

ज्यादा पर्सनल लोन अमाउंट लेना चाहते हैं? आपकी इनकम, क्रेडिट स्कोर और मौजूदा कर्ज इसमें अहम भूमिका निभाते हैं.

अपडेटेड Jan 12, 2026 पर 12:30 PM
Story continues below Advertisement

पर्सनल लोन अचानक आए बड़े खर्च को पूरा करने में मददगार साबित हो सकते हैं. आजकल इंस्टेंट लोन ऐप्स के जरिए पर्सनल लोन के लिए अप्लाई करना और कुछ ही मिनटों में पैसा पाना बेहद आसान हो गया है. बैंकों और नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनियों (NBFCs) की ओर से कई तरह के पर्सनल लोन ऑफर किए जाते हैं. ऐसे में, बेस्ट ऑप्शन चुनना आपके लिए थोड़ा मुश्किल हो सकता है. सस्ती ब्याज दर और आसान रीपेमेंट प्लान के साथ सही लोन अमाउंट चुनना किसी भी लोन एप्लीकेशन में सबसे अहम बात होती है. 

आपको मिलने वाला लोन अमाउंट मुख्य रूप से आपकी मंथली इनकम, क्रेडिट स्कोर और मौजूदा देनदारियों पर निर्भर करता है. ज्यादातर लेंडर्स आपके क्रेडिट स्कोर और इनकम के आधार पर ही लोन अप्रूव कर देते हैं. अगर आपकी क्रेडिट प्रोफाइल अच्छी है और इनकम स्टेबल है, तो आपको बड़ा लोन अमाउंट मिलने की संभावना बढ़ जाती है.

पर्सनल लोन क्या है?

पर्सनल लोन एक ऐसा अनसिक्योर्ड लोन है, जिसे आप किसी भी बैंक, फाइनेंशियल इंस्टिट्यूशन या डिजिटल लेंडर से अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए ले सकते हैं. होम लोन या कार लोन के उलट, इसमें कोई एसेट गिरवी रखने की जरूरत नहीं पड़ती. यह इमरजेंसी, मेडिकल खर्च, शादी, वेकेशन या पुराने कर्ज चुकाने जैसे कामों के लिए लिया जा सकता है.


इसका अप्रूवल प्रोसेस तेज होता है और रीपेमेंट टेन्योर भी फ्लेसिबल होता है. हालांकि, लोन अमाउंट, ब्याज दरें और शर्तें अलग-अलग लेंडर और आपके क्रेडिट स्कोर के हिसाब से अलग हो सकती हैं.

आप मनीकंट्रोल ऐप और वेबसाइट जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर कई लोन ऑफर एक-साथ एक्सप्लोर कर सकते हैं. मनीकंट्रोल पर आप 8 लेंडर्स से 50 लाख रुपए तक का पर्सनल लोन ले सकते हैं, जिन पर ब्याज दरें सिर्फ 10.5% सालाना से शुरू होती हैं. यह प्रोसेस पूरी तरह से डिजिटल है, जिसमें किसी तरह का एसेट गिरवी की जरूरत नहीं पड़ती. 

अगर आप बड़ा लोन अमाउंट लेना चाहते हैं, तो नीचे दिए गए अहम पहलुओं को जरूर ध्यान में रखें.

क्या पर्सनल लोन की कोई लिमिट होती है?

आपके पहले से चल रहे लोन और क्रेडिट यूज (जैसे पे लेटर, क्रेडिट कार्ड, ओवरड्राफ्ट) आपकी बॉरोइंग कैपेसिटी पर असर डालते हैं. लोन अमाउंट तय करते समय बैंक आमतौर पर दो बातों को ध्यान में रखते हैं:

इनकम बेस्ड एलिजिबिलिटी: बैंक आपको मिलने वाला लोन अमाउंट अक्सर आपकी मंथली इनकम के मल्टिपल के रूप में तय करते हैं. कुछ बैंक आपकी इनकम का 20 गुना तक लोन ऑफर करते हैं. उदाहरण के तौर पर, अगर आपकी मंथली इनकम 50,000 रुपए है, तो आपको 10 लाख रुपए तक का लोन मिल सकता है.

क्रेडिट स्कोर का रोल: अच्छा क्रेडिट स्कोर आपकी लोन एलिजिबिलिटी को बेहतर बनाता है और बेहतर शर्तों के साथ लोन दिलवा सकता है. कुछ लेंडर्स पर्सनल लोन के लिए कम-से कम 750 स्कोर की शर्त रखते हैं.

पर्सनल लोन एलिजिबिलिटी को प्रभावित करने वाले फैक्टर

  • मंथली इनकम: ज्यादा इनकम मतलब बेहतर लोन एलिजिबिलिटी और ज्यादा बॉरोइंग कैपेसिटी. 
  • क्रेडिट स्कोर: अच्छा स्कोर मतलब बेहतर शर्तों पर ज्यादा लोन अमाउंट.
  • पहले से चल रहे लोन: मौजूदा लोन आपकी बॉरोइंग कैपेसिटी को कम कर सकते हैं.
  • बैंक लिमिट: कुछ बैंक ज्यादा इनकम होने के बावजूद भी तय लिमिट से ज्यादा लोन नहीं देते.

टॉप लेंडर्स से ऑफ़र्स चेक करें

कैसे बढ़ाएं अपनी पर्सनल लोन लिमिट?

अगर आप बड़ा लोन अमाउंट लेना चाहते हैं, तो नीचे दिए गए तरीकों से अपनी फाइनेंशियल प्रोफाइल को मजबूत बनाएं:

  • क्रेडिट स्कोर बेहतर बनाएं
    • स्कोर 750+ रखें.
    • समय पर EMI और क्रेडिट कार्ड बिल चुकाएं.
    • एक साथ कई लोन के लिए अप्लाई करने से बचें.

  • इनकम बढ़ाएं
    • इनकम बढ़ने से रीपेमेंट क्षमता बेहतर होती है.
    • अपनी इनकम में रेंटल या फ्रीलांस जैसी एक्स्ट्रा इनकम शामिल करें.

  • लंबी अवधि का लोन चुनें
    • लोन टेन्योर बढ़ाने से EMI कम होती है. इससे लेंडर आपको ज्यादा लोन अमाउंट देने के लिए तैयार हो सकते हैं, लेकिन ब्याज दर ज्यादा हो सकती है.

  • डेट-टू-इनकम रेशियो कम करें
    • लेंडर्स उन एप्लिकेंट्स को तवज्जो देते हैं, जिनकी कुल EMI उनकी इनकम की 40–50% या इससे कम बने. 
    • नई लोन एप्लीकेशन देने से पहले पुराने लोन चुकाएं.

  • को-एप्लिकेंट के साथ अप्लाई करें
    • अच्छे क्रेडिट स्कोर वाले व्यक्ति के साथ अप्लाई करने से लोन एलिजिबिलिटी बढ़ सकती है.

  • बैंक के साथ अच्छे संबंध रखें
    • जिन बैंकों में आपका सैलरी अकाउंट, FD या पुराना लोन रहा हो, वहां से प्री-अप्रूव्ड ऑफर मिल सकता है.

इनकम के आधार पर कितना लोन मिल सकता है?

  • इनकम लेवल: ज्यादा इनकम का मतलब है ज्यादा बॉरोइंग कैपेसिटी. बैंक आपको मिलने वाला लोन अमाउंट आपकी मंथली इनकम के मल्टिपल के रूप में तय करते हैं. अगर आपकी मंथली इनकम 1 लाख रुपए है, तो आपको 20 लाख रुपए तक का लोन मिल सकता है (20 गुना).

  • बैंक पॉलिसी: हर बैंक की अपनी लोन लिमिट होती है. कुछ 25 लाख रुपए तक देते हैं, तो कुछ 50 लाख रुपए भी दे देते हैं. 

  • क्रेडिट स्कोर: अच्छा क्रेडिट स्कोर आपकी एलिजिबिलिटी बढ़ाता है.

  • मौजूदा लोन: मौजूदा लोन आपकी नई लोन लिमिट को घटा सकते हैं. नया लोन देने से पहले बैंक आपकी रीपेमेंट क्षमता जांचते हैं.  

निष्कर्ष

आजकल इंस्टेंट लोन ऐप्स और डिजिटल लेंडिंग प्लेटफॉर्म्स के कारण पर्सनल लोन लेना पहले से कहीं ज्यादा आसान हो गया है. हालांकि, आपको मिलने वाला लोन अमाउंट कई बातों पर निर्भर करता है, खासतौर से आपकी क्रेडिट हिस्ट्री और लोन चुकाने की क्षमता पर. सही जानकारी और प्लानिंग से आप ज्यादा लोन अमाउंट अप्रूव करा सकते हैं. 

मनीकंट्रोल ऐप पर आप 50 लाख रुपए तक के पर्सनल लोन ऑफर चेक कर सकते हैं. इन पर ब्याज दरें सिर्फ 10.5% सालाना से शुरू होती हैं और पूरा प्रोसेस भी पेपरलेस है.

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।