PhonePe Pincode app : फोनपे का नया पिनकोड ऐप कैसे करता है काम? जानिए कितनी देर में घर पहुंचेगा आपका सामान

यह ऐप सरकार के ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स प्लेटफॉर्म (ONDC) पर बेस्ड है। आप इस ऐप को गूगल प्ले स्टोर और ऐप स्टोर पर डाउनलोड कर सकते हैं। इस ऐप को फिलहाल केवल बेंगलुरु के कस्टमर्स के लिए लाइव किया गया है। इसका इस्तेमाल धीरे-धीरे इसे देश के अन्य इलाकों में भी किया जा सकेगा

अपडेटेड Apr 14, 2023 पर 3:09 PM
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मार्केट साइज के हिसाब से देश के सबसे बड़े UPI ऐप PhonePe ने हाल ही में नया कंज्यूमर ऐप पिनकोड (Pincode) लॉन्च किया है।

PhonePe Pincode app : मार्केट साइज के हिसाब से देश के सबसे बड़े UPI ऐप PhonePe ने हाल ही में नया कंज्यूमर ऐप पिनकोड (Pincode) लॉन्च किया है। यह ऐप सरकार के ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स प्लेटफॉर्म (ONDC) पर बेस्ड है। आप इस ऐप को गूगल प्ले स्टोर और ऐप स्टोर पर डाउनलोड कर सकते हैं। इस ऐप को फिलहाल केवल बेंगलुरु के कस्टमर्स के लिए लाइव किया गया है। इसका इस्तेमाल धीरे-धीरे देश के अन्य इलाकों में भी किया जा सकेगा। बता दें कि ONDC भारत सरकार की पहल है जिसका मकसद छोटे खुदरा विक्रेताओं की मदद करना और बड़ी ई-कॉमर्स कंपनियों के प्रभुत्व को कम करना है।

पिनकोड के लिए अलग ऐप क्यों बनाया गया?

पिनकोड को मौजूदा फोनपे ऐप में टैब के बजाए अलग ऐप के रूप में क्यों विकसित किया गया? इस सवाल का जवाब देते हुए CEO समीर निगम ने कहा कि इसके लिए एक अलग ऐप की जरूरत थी क्योंकि इसमें अलग तरह के प्रोडक्ट्स होंगे। पेमेंट के मामले में हम चाहते हैं कि ग्राहकों को इसमें कम से कम समय लगे। लेकिन शॉपिंग में ऐसा नहीं होता।


इसके अलावा, ऑर्डर वॉल्यूम भी एक चिंता का विषय है। निगम के अनुसार, PhonePe की मौजूदा संरचना एक मल्टी-कैटेगरी शॉपिंग ऐप को सपोर्ट करने में सक्षम नहीं है।

इस मामले में, PhonePe सेलर ऐप्स को ऑनबोर्ड कर रहा है, स्टोर्स को नहीं। कंपनी का कीमत से कोई लेना देना नहीं है। बेचने वाला सेलर प्लेटफॉर्म को एक कमीशन का भुगतान करता है और इसका एक हिस्सा बायर प्लेटफॉर्म को जाता है। इस मामले में यह हिस्सा पिनकोड को जाएगा। यह एक रेगुलेटेड स्पेस नहीं है और निगम ने कहा कि इसका शुल्क सिंगल डिजिट में है।

कैसे करता है यह काम

ऐसा लगता है कि पिनकोड में उन्हीं कस्टमर्स पर फोकस किया गया है जो फूड या ग्रॉसरी की डिलीवरी के लिए स्विगी, ज़ोमैटो, Dunzo या Zepto का इस्तेमाल करते हैं। मौजूदा समय में पिनकोड ऐप को गूगल प्ले स्टोर में 10 हजार से अधिक यूजर्स ने डाउनलोड किया है।

अगर आप फोनपे का इस्तेमाल करते हैं तो पिनकोड के लिए साइन अप करना आपके लिए आसान होगा। क्योंकि इसमें दोनों के डेटा को इंटीग्रेट होता है। अगर आप फोनपे का इस्तेमाल नहीं करते तो आप अलग से Pincode ऐप डाउनलोड कर सकते हैं और साइन अप कर सकते हैं। इसकी प्रक्रिया भी काफी आसान है। अपना फ़ोन नंबर और एड्रेस डालें फिर आप इसका इस्तेमाल कर सकते हैं।

साइन अप करने के बाद होम स्क्रीन पर आपको 6 कैटेगरी दिखाई देंगी। इसमें फूड, ग्रॉसरी, होम डेकोर, फार्मा, इलेक्ट्रॉनिक्स और फैशन शामिल है। किसी भी कैटेगरी को सेलेक्ट करते ही आपके सामने आस-पास के स्टोर की लिस्ट खुल जाएगी। ग्रॉसरी और फूड दोनों में सब-कैटेगरी मिलेंगे, जिसमें फूड टाइप या प्रोडक्ट टाइप शामिल हैं।

कैसा रहा ऑर्डर करने का अनुभव

इस ऐप का इस्तेमाल करते हुए हमने रविवार की शाम 6:04 बजे घर से 1.3 किमी दूर एक रेस्टोरेंट से खाना ऑर्डर दिया। खाने के अलावा, पैकेजिंग के लिए 30 रुपये और 8.92 रुपये सेलर कन्वीनियंस फीस के साथ-साथ 6.90 रुपये टैक्स लिए गए। डिलीवरी फ्री थी। हालांकि यहां यह स्पष्ट नहीं है कि डिलीवरी का खर्च कौन उठा रहा था। इसमें चेकआउट का अनुभव सहज था। ऑर्डर आसानी से हो गया और मुझे अपना ऑर्डर शाम 6.28 बजे मिला।

ऐप के ज़रिए आप यह देख सकेंगे कि ऑर्डर कब स्वीकार किया गया। आपका खाना तैयार हो रहा है या नहीं, इसकी जानकारी भी ऐप से मिल जाती है। आपको यह भी पता चलता है कि आपका ऑर्डर राइडर को कब सौंपा गया। हालांकि, इसमें आप राइडर को ट्रैक नहीं कर सकते। इसका मतलब है कि अगर राइडर गलत लोकेशन पर जाता है तो उसे सही लोकेशन समझाना थोड़ा मुश्किल होगा।

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