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Bajaj Finance के दो डिजिटल लोन प्रोडक्ट पर रोक, RBI ने की कार्रवाई

रिजर्व बैंक ने बजाज फाइनेंस को निर्देश दिया है कि वह डिजिटल लोन संबंधी अपने दो प्रोडक्ट पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दे। ये प्रोडक्ट्स हैं- eCOM और Insta EMI Card। रिजर्व बैंक ने यह कार्रवाई डिजिटल लोन से जुड़े निर्देशों के उल्लंघन के मामले में की है। केंद्रीय बैंक का कहना है कि अगर इन कमियों को सुधार लिया जाता है और रिजर्व बैंक इस मामले में संतुष्ट हो जाता है, तो इन पांबदियों की समीक्षा की जा सकती है

MoneyControl Newsअपडेटेड Nov 15, 2023 पर 7:51 PM
Bajaj Finance के दो डिजिटल लोन प्रोडक्ट पर रोक, RBI ने की कार्रवाई
रिजर्व बैंक ने डिजिटल लेंडिंग से जुड़ी दिक्कतों व चुनौतियों की स्टडी और इससे जुड़े नियम संबंधी सुझाव के लिए जनवरी 2021 में वर्किंग ग्रुप बनाया था।

रिजर्व बैंक (RBI) ने 15 नवंबर को बजाज फाइनेंस (Bajaj Finance) को निर्देश दिया कि वह डिजिटल लोन संबंधी अपने दो प्रोडक्ट पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दे। रिजर्व बैंक ने कंपनी को इन प्रोडक्ट्स के तहत लोन मंजूर करने और इसे देने पर रोक लगाने को कहा है। ये प्रोडक्ट्स हैं- eCOM (ईकॉम) और इंस्टा ईएमआई कार्ड (Insta EMI Card)। रिजर्व बैंक ने यह कार्रवाई डिजिटल लोन से जुड़े निर्देशों के उल्लंघन के मामले में की है।

केंद्रीय बैंक का कहना है कि अगर इन कमियों को सुधार लिया जाता है और रिजर्व बैंक इस मामले में संतुष्ट हो जाता है, तो इन पांबदियों की समीक्षा की जा सकती है। रिजर्व बैंक ने लोन लेने वाले ग्राहकों की सुरक्षा के लिए 10 अगस्त, 2022 को डिजिटल लेंडिंग के रेगुलेशन के लिए नियमों की सूची जारी की थी। साथ ही, इस सेक्टर में फ्रॉड और गैर-कानूनी गतिविधियों के बढ़ते मामलों को लेकर कार्रवाई भी शुरू की थी।

रिजर्व बैंक ने डिजिटल लेंडिंग से जुड़ी दिक्कतों और चुनौतियों की स्टडी और नियम संबंधी सुझाव के लिए जनवरी 2021 में वर्किंग ग्रुप बनाया था। ग्रुप ने नवंबर 2021 में डिजिटल लेंडर्स के लिए सख्त नियमों का प्रस्ताव किया था। इनमें से कुछ सुझावों को स्वीकार कर लिया गया है, जबकि कुछ पर विचार किया जा रहा है। इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स और जरूरी पक्षों को इन सुझावों का लंबे समय से इंतजार था।

कोरोना के बाद से तत्काल लोन उपलब्ध कराने वाली इकाइयों की संख्या में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है। साथ ही, ये इकाइयां लोन देने के लिए शुरू में तमाम तरह के प्रलोभन देती हैं, जबकि बाद में रिकवरी एजेंट के जरिये लोन लेने वाले लोगों को परेशान किया जाता है।

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