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RBI Bulletin: इनफ्लेशन में नरमी, इकोनॉमी में सुधार, लेकिन वैश्विक स्थितियां अब भी अनिश्चित बनी हुई हैं

आरबीआई हर महीने बुलेटिन पेश करता है। इसमें मुख्य रूप से ऐसे आर्टिकल्स शामिल होते हैं जो ग्लोबल और डोमेस्टिक इकोनॉमी के ट्रेंड्स के बारे में बताते हैं

MoneyControl Newsअपडेटेड Nov 18, 2022 पर 6:21 PM
RBI Bulletin: इनफ्लेशन में नरमी, इकोनॉमी में सुधार, लेकिन वैश्विक स्थितियां अब भी अनिश्चित बनी हुई हैं
इस बुलेटिन में यह भी कहा गया है कि रिटेल इनफ्लेशन दुनिया के कई देशों में हाई लेवल पर बना हुआ है। इसकी वजह फूड और एनर्जी की कीमतों में हुआ इजाफा है।

इनफ्लेशन (Inflation) में नरमी के संकेत दिखे हैं। घरेलू इकोनॉमी (domestic economy) की बुनियादी स्थितियां भी पहले से बेहतर लग रही हैं। लेकिन, ग्लोबल इकोनॉमी (Global economy) की अनिश्चितता का असर इस पर पड़ सकता है। RBI के बुलेटिन (RBI Bulletin) में ये बातें कही गई हैं। यह बुलेटिन 18 नवंबर को जारी किया गया।

इस बुलेटिन में कहा गया है, "आर्थिक गतिविधियों से जुड़े प्रमुख संकेतक इंडियन इकोनॉमी की बेहतर सेहत के बारे में बता रहे हैं। हालांकि, वैश्विक स्थितियां चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। हालात अनिश्चित दिख रहे हैं।" शहरी इलाकों में मांग बहुत मजबूत दिख रही है। लेकिन, ग्रामीण इलाकों में मांग अब भी कमजोर है।

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आरबीआई हर महीने बुलेटिन पेश करता है। इसमें मुख्य रूप से ऐसे आर्टिकल्स शामिल होते हैं जो ग्लोबल और डोमेस्टिक इकोनॉमी के ट्रेंड्स के बारे में बताते हैं। इसमें कहा गया है कि ग्लोबल इकोनॉमी को लेकर डाउनसाइड रिस्क बना हुआ है। ग्लोबल फाइनेंशियल स्थितियों पर दबाव दिख रहा है। लिक्विडिटी में आ रही कमी का असर फाइनेंशियल मार्केट में प्राइस मूवमेंट पर पड़ रहा है।

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