भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने शुक्रवार को कहा कि उसने कुछ नियामकीय निर्देशों का पालन न करने के लिए सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया (Central Bank of India) पर 36 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। RBI ने 18 अप्रैल 2022 को जारी पेनाल्टी ऑर्डर में कहा, "RBI ने 'कस्टमर सुरक्षा - गैरअधिकृत इलेक्ट्रॉनिक बैंकिंग ट्रांजैक्शन में कस्टमर्स की सीमित जिम्मेदारी' को लेकर कुछ निश्चित दिशानिर्देश जारी किए थे। सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया पर इन दिशानिर्देशों के उल्लंघन को लेकर जुर्माना लगाया गया है।"
RBI ने बयान में आगे कहा, "यह कार्रवाई नियामकीय अनुपालन में लापरवाही बरतने को लेकर है और इसका बैंक का उसके ग्राहकों के साथ होने वाले लेनदेन और समझौतों के साथ कोई लेना-देना नहीं है।"
RBI ने बताया कि सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की 31 मार्च 2022 तक की वित्तीय स्थिति को लेकर एक स्टैचुटरी ऑडिट कराई गई थी। इस दौरान रिस्क एसेसमेंट रिपोर्ट, इंस्पेक्शन रिपोर्ट और इससे जुड़े दूसरे डॉक्यूमेंटों से पता चला है कि बैंक ने ऊपर बताए दिशानिर्देशों का उल्लंघन किया था और कई मामलों में गैरअनाधिकृत ट्रांजैक्शन के चलते कस्टमर के खाते से पैसों को 10 दिनों के अंदर उनके खाते में नहीं लौटाया गया था।
RBI ने बताया कि उसने इस मामले में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया को एक कारण बताओ नोटिस जारी किया था, जिसमें यह पूछा गया था कि आखिर क्यों उनपर दिशानिर्देशों के उल्लंघन को लेकर जुर्माना न लगाया जाएगा।
RBI ने नोटिस पर बैंक से जवाब मिलने और इस मामले में हुई सुनवाई के दौरान व्यक्तिगत तौर पर रखी गई दलीलों पर विचार करने पर केंद्रीय बैंक ने ऊपर बताए गए दिशानिर्देशों का उल्लंघन के लिए सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया पर 36 लाख रुपये का आर्थिक जुर्माना लगाने का फैसला किया है।
सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया एक सरकारी बैंक है। इसकी स्थापना 1911 में प्राइवेट बैंक के तौर पर हुई थी। हालांकि 1969 में भारत सरकार ने इस बैंक का राष्ट्रीयकरण कर लिया था। इसका मुख्यालय मुंबई में है। सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के शेयर शुक्रवार को NSE में 1.26 फीसदी गिरकर 19.60 रुपये के स्तर पर बंद हुए।