भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने उत्तर प्रदेश के दो सहकारी बैंकों (two Uttar Pradesh-based cooperative banks) पर कई तरह की पाबंदियां लगा दी है। इन बैंकों की बिगड़ती आर्थिक स्थिति को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। इनमें ग्राहकों द्वारा बैंक से निकासी की सीमा भी शामिल है।
केंद्रीय बैंक ने गुरुवार को कहा कि ये प्रतिबंध इन बैंकों की बिगड़ती वित्तीय स्थिति को देखते हुए लगाए गए हैं। ये दोनों बैंक लखनऊ शहरी सहकारी बैंक (Lucknow Urban Co-operative Bank) और शहरी सहकारी बैंक लिमिटेड, सीतापुर (Urban Co-operative Bank Limited, Sitapur) हैं।
बैंकिंग रेगुलेशन एक्ट के तहत यह प्रतिबंध छह महीने तक लागू रहेंगे। RBI के बयान के मुताबिक, लखनऊ शहरी सहकारी बैंक के ग्राहक 30,000 रुपये से ज्यादा की निकासी नहीं कर पाएंगे।
दूसरी ओर शहरी सहकारी बैंक लिमिटेड, सीतापुर के मामले में निकासी की सीमा प्रति ग्राहक 50,000 रुपये है। दोनों बैंक आरबीआई की अनुमति के बिना कर्ज नहीं दे सकते हैं और कोई निवेश नहीं कर सकते हैं।
इन 4 बैंकों पर भी लग चुका है बैन
इससे पहले 22 जुलाई को RBI ने चार सहकारी बैंकों पर प्रतिबंध लगा दिए थे। इसमें ग्राहकों के अपने बैंक खातों से पैसा निकालने की सीमा लगाना शामिल है। रिजर्व बैंक के अनुसार, साईबाबा जनता सहकारी बैंक, द सूरी फ्रेंड्स यूनियन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, सूरी (पश्चिम बंगाल) और बहराइच के नेशनल अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड पर प्रतिबंध लगाया गया है।
आदेश के मुताबिक, साईबाबा जनता सहकारी बैंक के जमाकर्ता 20,000 रुपये से अधिक नहीं निकाल सकते है। जबकि सूरी फ्रेंड्स यूनियन को-ऑपरेटिव बैंक के लिए यह सीमा 50,000 रुपये है। इसी तरह, नेशनल अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक के मामले में निकासी की सीमा प्रति ग्राहक 10,000 रुपये कर दी गई है।
केंद्रीय बैंक ने बिजनौर स्थित यूनाइटेड इंडिया को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड पर भी कई प्रतिबंध समेत ग्राहकों द्वारा धन निकासी पर रोक लगा दी है। रिजर्व बैंक ने एक अन्य बयान में कहा कि उसने सूर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक पर 'धोखाधड़ी' से संबंधित कुछ मानदंडों के उल्लंघन को लेकर 57.75 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।