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MSMEs के लिए कोलैटरल फ्री लोन की लिमिट बढ़ाकर की जाएगी ₹20 लाख: RBI गवर्नर

कोलैटरल-फ्री बिजनेस लोन में, लोन चुकाने तक किसी भी चीज या प्रॉपर्टी को मॉर्गेज के तौर पर गिरवी रखने की जरूरत नहीं होती है। लिमिट बढ़ाए जाने को लेकर दिशानिर्देश आगे जल्द ही जारी किए जाएंगे। बदली हुई लिमिट असल में कुछ समय से लागू है। लेकिन कई बॉरोअर्स और लेंडर्स को पूरी जानकारी नहीं है

Edited By: Ritika Singhअपडेटेड Feb 06, 2026 पर 12:19 PM
MSMEs के लिए कोलैटरल फ्री लोन की लिमिट बढ़ाकर की जाएगी ₹20 लाख: RBI गवर्नर
अभी MSMEs के लिए कोलैटरल फ्री लोन की लिमिट 10 लाख रुपये है।

भारतीय रिजर्व बैंक ने माइक्रो, स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइजेज (MSMEs) के लिए कोलैटरल फ्री लोन की लिमिट बढ़ाकर 20 लाख रुपये करने का फैसला किया है। यह एक ऐसा कदम है जो सिक्योरिटी जरूरतों को लेकर दिक्कतों को कम करके छोटे एंटरप्राइज के लिए क्रेडिट तक पहुंच को आसान बना सकता है। RBI की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की फरवरी मीटिंग के नतीजों की घोषणा करते हुए RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने यह जानकारी दी।

अभी MSMEs के लिए कोलैटरल फ्री लोन की लिमिट 10 लाख रुपये है। मल्होत्रा ने साफ किया कि बदली हुई लिमिट असल में कुछ समय से लागू है। लेकिन कई बॉरोअर्स और लेंडर्स को इसके बारे में पूरी जानकारी नहीं है। MSMEs के लिए कोलैटरल फ्री लोन की बढ़ी हुई लिमिट 1 अप्रैल, 2026 को या उसके बाद मंजूर या रिन्यू किए गए सभी छोटे बॉरोअर्स के लोन पर लागू होगी।

क्या है कोलैटरल-फ्री बिजनेस लोन

कोलैटरल-फ्री बिजनेस लोन एक अनसिक्योर्ड लोन होता है। इस तरह के लोन में, लोन चुकाने तक किसी भी चीज या प्रॉपर्टी को मॉर्गेज के तौर पर गिरवी रखने की जरूरत नहीं होती है। RBI के मॉनेटरी पॉलिसी स्टेटमेंट में कहा गया है कि कोलैटरल-फ्री लोन लिमिट बढ़ाए जाने को लेकर दिशानिर्देश आगे जल्द ही जारी किए जाएंगे।

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