Tata Sons IPO: शापूरजी पल्लोनजी (SP) ग्रुप ने एक बार फिर टाटा संस को शेयर बाजार में लिस्ट कराने की मांग को दोहराया है। ग्रुप के चेयरमैन शापूरजी पल्लोनजी मिस्त्री ने शुक्रवार को कहा कि टाटा संस का लिस्ट होना सिर्फ नियामकीय जरूरत नहीं है, बल्कि इससे टाटा ग्रुप की होल्डिंग कंपनी में गवर्नेंस, पारदर्शिता और जवाबदेही मजबूत होगी।
यह बयान ऐसे समय आया है जब टाटा ग्रुप के भीतर ही इस मुद्दे पर मतभेद उभरकर सामने आ रहे हैं। जानकारी के मुताबिक, टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा लिस्टिंग के सख्त खिलाफ हैं। वहीं ट्रस्ट के सदस्य वेणु श्रीनिवासन और विजय सिंह इस प्रस्ताव के समर्थन में बताए जा रहे हैं।
मामला अब टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन के कार्यकाल से भी जुड़ गया है। सूत्रों के अनुसार, 24 फरवरी को हुई टाटा संस की बोर्ड मीटिंग में नोएल टाटा ने कहा था कि चंद्रशेखरन का कार्यकाल बढ़ाने के लिए टाटा संस का अनलिस्टेड रहना एक शर्त है।
अपने बयान में मिस्त्री ने टाटा संस की लिस्टिंग को जनहित से जोड़ते हुए कहा कि इससे बोर्ड की जवाबदेही बढ़ेगी, निवेशकों का दायरा बड़ा होगा और सभी हितधारकों के लिए लॉन्ग-टर्म में वैल्यू बनाना सुनिश्चित होगा। उन्होंने यह भी कहा कि लिस्टिंग से रिटेल निवेशकों के लिए वैल्यू अनलॉक होगी, टाटा ट्रस्ट्स के लिए डिविडेंड का एक स्पष्ट प्रवाह बनेगा और उनकी सामाजिक और परोपकारी गतिविधियों को और विस्तार मिलेगा।
मिस्त्री ने यह भी बताया कि SP ग्रुप इस मामले पर टाटा संस की लीडरशिप के साथ पॉजिटिव बातचीत में बना हुआ है, ताकि कोई मित्रतापूर्ण समाधान निकाला जा सके। साथ ही, उन्होंने कहा कि इस मामले में अब भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) से स्पष्ट दिशा-निर्देश की उम्मीद है। उन्होंने केंद्र सरकार और RBI पर भरोसा जताते हुए कहा कि वे इस मामले में उचित फैसला लेंगे।
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