रूस के प्रमुख गैस प्लांट में भारतीय कंपनियां खरीद सकती हैं हिस्सेदारी, ब्रिटिश कंपनी Shell के साथ चल रही बातचीत

ब्रिटेन की दिग्गज ऑयल कंपनी शेल (Shell) रूस के एक प्रमुख लिक्विफाइड नैचुरल गैस प्लांट में अपनी हिस्सेदारी बेचने के लिए भारतीय एनर्जी कंपनियों के एक समूह के साथ बातचीत कर रही है

अपडेटेड May 26, 2022 पर 5:34 PM
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शेल ने फरवरी में रूस में अपने सभी कारोबार को बंद करने का ऐलान किया था

ब्रिटेन की दिग्गज ऑयल कंपनी शेल (Shell) तेजी से रूस से अपना कारोबार समेटने की कोशिश में लगी है। इसके तहत कंपनी रूस के एक प्रमुख लिक्विफाइड नैचुरल गैस प्लांट में अपनी हिस्सेदारी बेचने के लिए भारतीय एनर्जी कंपनियों के एक समूह के साथ बातचीत कर रही है। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी है। बता दें कि Shell सहित यूरोप की कई कंपनियां यूक्रेन पर आक्रमण के विरोध में रूस से अपनी कारोबारी संबंध खत्म कर रही हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, रूस से पश्चिमी देशों की कंपनियों से निकलने को भारत एक मौके के रूप में देख रहा है। भारत को उम्मीद है उसे इससे रूस की एनर्जी कंपनियों में सस्ते दाम में हिस्सेदारी के साथ क्रूड ऑयल की सप्लाई सस्ते रेट पर मिल सकती है। भारतीय कंपनियों के समूह का शेल से बातचीत करना इसी को दिखाता है।

बता दें कि शेल ने फरवरी में रूस में अपने सभी कारोबार को बंद करने का ऐलान किया था। इसमें रूस के पूर्वी क्षेत्र में स्थित सखालिन-2 LNG प्लांट भी शामिल है, जिसमें शेल की करीब 27.5 फीसदी हिस्सेदारी है। शेल दुनिया की सबसे बड़ी लिक्विफाइड नैचुरल गैस कंपनी है और इसने रूस से निकलने के फैसले के बाद वहां की 3.9 अरब डॉलर संपत्ति को बट्टे खाते में डाल दिया है।


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शेल ने हाल में भारतीय कंपनियों के एक समूह के साथ अपनी हिस्सेदारी बेचने के लिए बातचीत शुरू की है। इस समहू में ओएनजीसी विदेश लिमिटेड, गेल और पब्लिक सेक्टर की कई और कंपनियां है।

रिपोर्ट के मुताबिक, शेल ने सखालिन-2 को LNG कार्गो और क्रूड ऑयल सप्लाई के लिए लंबी अवधि की डील की है और उसने भारतीय समूह से इसके लिए भी अलग से बोली लगाने के लिए कहा है। पिछले महीने आई एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारत सरकार ने पब्लिक सेक्टर कंपनियों को रूस में पश्चिमी देशों की कंपनियों की हिस्सेदारी का मूल्यांकन करने और उन्हें खरीदने की संभावना पर विचार करने को कहा था।

अभी यह स्पष्ट नहीं है कि शेल और भारतीय कंपनियों के बीच यह डील फाइनल होगी या नहीं। न ही इस डील की संभावित वैल्यू को लेकर कोई जानकारी मिल पाई है। रिपोर्ट के मुताबिक, रूस के इन प्लांट में किसी भी तरह की हिस्सेदारी की खरीद-बिक्री के लिए रूसी प्रशासन से भी मंजूरी लेनी होगी।

इसके अलावा यह भी जानकारी मिली है शेल भारतीय कंपनियों के समूह के अलावा चीन की कुछ कंपनियों के साथ भी अपनी हिस्सेदारी बेचने के लिए बातचीत कर रही है।

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