वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को बताया कि साल 2024–25 में 3.4 मीट्रिक टन तस्करी वाला सोना जब्त किया गया। इस सोने को रिफाइन कर RBI को सौंप दिया गया है, जो इसे देश की अर्थव्यवस्था में शामिल कर रहा है। यह काम सिक्योरिटी प्रिंटिग एंड मिंटिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (SPMCIL) ने किया है, जो देश में नोट छापने और सिक्के बनाने वाली सरकारी कंपनी है।
अब जब्त सोना सीधे रिजर्व बैंक के पास
वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा, “अब जो भी सोना तस्करी के जरिए पकड़ा जाता है, उसे SPMCIL रिफाइन करता है और फिर वह सीधे RBI को दे दिया जाता है।” इससे सरकार तस्करी से जब्त सोने को देश की आधिकारिक अर्थव्यवस्था में शामिल कर पा रही है, जिससे उसका सही इस्तेमाल हो सके।
2023-24 में 4,869 किलो सोना जब्त
2023–24 में करीब 4,869 किलो तस्करी किया गया सोना पकड़ा गया। इसमें म्यांमार बॉर्डर सबसे बड़ा रूट बनकर सामने आया है। DRI (डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस) और कस्टम्स डिपार्टमेंट ने अपनी कार्रवाई तेज की है, लेकिन तस्करी की चुनौती अभी भी बनी हुई है। सरकार की कोशिश है कि जब्त सोने को जमा करके सड़ाया न जाए, बल्कि उसे रिफाइन करके देश के काम में लाया जाए।
SPMCIL को मिल सकता है 'नवरत्न' का दर्जा
SPMCIL की परफॉर्मेंस को देखते हुए सीतारमण ने इशारा किया कि कंपनी को भविष्य में 'Navratna' दर्जा दिया जा सकता है। उन्होंने बताया कि 2023–24 में कंपनी ने 1,200 करोड़ करेंसी नोट छापे और ₹364 करोड़ का डिविडेंड दिया।
वित्त मंत्री ने कहा: “SPMCIL अब पूरी तरह प्रोफेशनली चल रही है। इसे 'नवरत्न' बनने पर विचार किया जा सकता है।” नवरत्न दर्जा मिलने पर कंपनी को ज्यादा आजादी मिलेगी, खासकर निवेश और जॉइंट वेंचर जैसे मामलों में।
फील्ड ऑफिसों के लिए बेहतर सुविधाओं पर जोर
सीतारमण ने ये भी कहा कि देशभर के रेवेन्यू और इन्फोर्समेंट ऑफिसों को बेहतर करने की जरूरत है। खासकर रहने की सुविधाएं बढ़ाना अब सरकार की प्राथमिकता में है। उन्होंने कहा, “फील्ड ऑफिसेज के लिए रेजिडेंशियल फैसिलिटी बढ़ाने पर काम चल रहा है।”