क्या है स्टार्टअप बिजनेस लोन? जानिए कैसे आपके आइडिया को एक सफल बिजनेस में कर कर सकता है तब्दील
भारत में स्टार्टअप्स के लिए फंडिंग के कई विकल्प मौजूद हैं, जिनमें स्टार्टअप लोन एक महत्वपूर्ण साधन बनकर उभरा है। सही प्लानिंग से अपने बिजनेस के लिए जरूरी पूंजी हासिल कर सकते हैं। डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के जरिए अब लोन लेना पहले से कहीं ज्यादा आसान और तेज हो गया है।
भारत का स्टार्टअप इकोसिस्टम तेजी से फल-फूल रहा है. इस दौरान महत्वाकांक्षी एंटरप्रेन्योर्स अपने इनोवेटिव आइडियाज को हकीकत में बदलने के लिए फंडिंग की तलाश में रहते हैं. ट्रैक्सन के अनुसार, 10 अक्टूबर 2024 तक भारत में 3.65 लाख से ज्यादा स्टार्टअप्स ने कुल मिलाकर 563 बिलियन डॉलर की फंडिंग हासिल की है. हालांकि, एक सफल बिजनेस को खड़ा करने के लिए इनोवेटिव कॉन्सेप्ट के साथ-साथ कई और फैक्टर्स अहम भूमिका निभाते हैं और फंडिंग उन्हीं में से एक है. इसके बिना स्टार्टअप अक्सर संघर्ष करते हुए नजर आते हैं. क्योंकि उन्हें आगे बढ़ने, हायरिंग और ऑपरेशनल खर्चों को मैनेज करने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है.
हालांकि, अच्छी बात यह है कि मौजूदा समय में फंडिंग के कई ऑप्शंस मौजूद हैं. इनमें एंटरप्रेन्योर्स के लिए खासतौर पर तैयार किए गए स्टार्टअप लोन भी शामिल हैं. ये लोन स्टार्टअप शुरू करने के लिए जरूरी कैपिटल ऑफर करते हैं. लेकिन, ऐसे लोन्स के लिए अप्लाई करने से पहले कुछ बातों का ख्याल रखना बहुत जरूरी है.
स्टार्टअप बिजनेस लोन के लिए एलिजिबिलिटी
आपको स्टार्टअप लोन मिलेगा या नहीं, यह बात आपके बिजनेस के ऑपरेशनल पीरियड (यानि स्टार्टअप को कितना समय हो गया है) पर निर्भर करती है. अगर आपका स्टार्टअप कम से कम 6 महीने से एक्टिव है, तो आपको स्मॉल स्टार्टअप बिजनेस लोन मिल सकता है. वहीं अगर यह पीरियड 6 महीने से ज्यादा है, तो ट्रेडिशनल बिजनेस लोन मिलने की संभावना बढ़ जाती है.
आमतौर पर, लेंडर्स इन प्रमुख फैक्टर्स पर विचार करते हैं -
उम्र : एप्लिकेंट की उम्र 21 से 65 साल के बीच होनी चाहिए.
पर्सनल क्रेडिट स्कोर : 700 या इससे ज्यादा के क्रेडिट स्कोर पर लोन अप्रूवल की संभावना काफी बढ़ जाती है.
बिजनेस पीरियड : कम से कम 6 महीने की ऑपरेशनल हिस्ट्री आपकी एलिजिबिलिटी को बढ़ा सकती है.
बिजनेस प्लान : एक बेहतर बिजनेस प्लान लेंडर्स को आपके विजन का आइडिया देता है, जिससे लोन अप्रूवल की संभावना बढ़ जाती है.
गिरवी : कुछ लेंडर्स सुरक्षा के लिए किसी एसेट्स को गिरवी रखने की मांग भी कर सकते हैं.
इंडस्ट्री एक्सपीरियंस : लेंडर्स संबंधित इंडस्ट्री में आपके अनुभव की जानकारी मांग सकते हैं. इससे उन्हें यह पता लगाने में मदद मिलती है कि आप बिजनेस को संभालने में सक्षम हैं या नहीं.
नए बिजनेस के लिए स्टार्टअप लोन : किन बातों का रखें ख्याल
स्टार्टअप बिजनेस लोन के लिए अपना एप्लीकेशन सबमिट करने से पहले, इन फैक्टर्स का आकलन करें:
मकसद : सबसे पहले समझे कि आखिर आपको लोन किस लिए चाहिए. इनमें इक्विपमेंट खरीदने, इन्वेंट्री हासिल करने, मार्केटिंग को फंड करना या वर्किंग कैपिटल को मैनेज करने जैसी जरूरत शामिल हो सकती हैं. इससे आपको सही लोन चुनने में मदद मिलेगी.
रीपेमेंट की क्षमता : अपने कैश का आंकलन करें. इससे आपको यह समझने में मदद मिलेगी कि आप अपने फाइनेंस पर दवाब डाले बिना समय पर लोन चुका सकते हैं या नहीं.
इंटरेस्ट रेट्स और फीस : अलग-अलग लेंडर्स की ब्याज दरों, प्रोसेसिंग फीस और दूसरे संबंधित चार्जेज की तुलना करें. इससे आपको सबसे अच्छा ऑप्शन चुनने में मदद मिलेगी.
लोन टेन्योर : ऐसा लोन टेन्योर चुनें, जो आपके बिजनेस के फाइनेंशियल अनुमानों और रीपेमेंट क्षमता के अनुसार हो.
गिरवी की जरूरत : चेक करें कि क्या लोन के लिए कुछ चीज गिरवी रखने की जरूरत है. यह भी देखे कि क्या आपके पास गिरवी रखने के लिए उपयुक्त संपत्ति है. गिरवी ऑफर करने से कभी-कभी बेहतर ब्याज दरें और शर्तें भी मिल सकती हैं.
स्टार्टअप बिजनेस लोन के लिए अप्लाई करते समय, आपको कुछ महत्वपूर्ण डॉक्युमेंट्स सबमिट करने होंगे, जिनमें शामिल हैं:
बिजनेस प्लान : इस प्लान में आपके बिजनेस मॉडल, फाइनेंशियल अनुमानों और ग्रोथ स्ट्रैटेजी की जानकारी होनी चाहिए. लेंडर्स के लिए आपके विजन को समझना जरूरी है.
आइडेंटिटी प्रूफ : PAN कार्ड, आधार कार्ड, पासपोर्ट या मतदाता पहचान पत्र जैसे डॉक्युमेंट्स.
एड्रेस प्रूफ : यूटिलिटी बिल, रेंट एग्रीमेंट्स या प्रॉपर्टी डॉक्युमेंट्स.
बिजनेस रजिस्ट्रेशन प्रूफ : इंकॉर्पोरेशन सर्टिफिकेट या पार्टनरशिप डीड सहित संबंधित बिजनेस डॉक्युमेंट्स सबमिट करें.
फाइनेंशियल स्टेटमेंट्स : बैंक स्टेटमेंट, इनकम टैक्स रिटर्न और उपलब्ध ऑडिटेड फाइनेंशियल डिटेल्स सबमिट करें.
गिरवी का प्रूफ : अगर आप कुछ गिरवी रखकर लोन ले रहे हैं, तो गिरवी रखे गए एसेट्स से संबंधित डाक्यूमेंट्स (जैसे प्रॉपर्टी या व्हीकल) सबमिट करें.
स्टार्टअप लोन कैसे लें
स्टार्टअप लोन हासिल करने के लिए कई स्टेप्स को फॉलो करना पड़ता है, जो इस प्रकार हैं -
बिजनेस प्लान तैयार करें : बिजनेस प्लान में कंपनी के ऑपरेशन्स, मकसद और ग्रोथ की जानकारी शामिल करें.
फाइनेंशियल जरूरतों को रिव्यु करें : एंटरप्रेन्योर्स को अपने बिजनेस को शुरू करने और चलाने से जुड़ी लागतों का आंकलन करना चाहिए. इससे स्टार्टअप लोन के लिए जरूरी अमाउंट को तय करने में मदद मिलेगी.
जरूरी डॉक्युमेंट्स इकट्ठा करें : लेंडर्स अक्सर बिजनेस लाइसेंस और रजिस्ट्रेशंस जैसे लीगल डॉक्युमेंट्स की रिक्वेस्ट करते हैं.
लेंडर्स की तुलना करें : ब्याज दरों, लोन अमाउंट्स और शर्तों की तुलना करने के लिए अलग-अलग लेंडर्स के ऑफर्स को चेक करें. ऐसा करने से आपको सबसे अच्छी डील पाने में मदद मिलेगी.
अपनी लोन एप्लीकेशन सबमिट करें : लेंडर चुनने के बाद एप्लीकेशन प्रोसेस को रिव्यु करें और जरूरी डॉक्युमेंट्स इकट्ठा करें.
स्टार्टअप्स लोन के फायदे
स्टार्टअप्स लोन एंटरप्रेन्योर्स को कई फायदे पहुंचाता है, जैसे -
फंड्स तक जल्दी पहुंच : स्टार्टअप लोन आसान पहुंच के लिए डिजाइन किए गए हैं और इनके लिए कम से कम पेपरवर्क की जरूरत पड़ती है. अगर सब कुछ सही रहता है, तो मंजूरी के बाद लोन भी जल्द से जल्द अकाउंट में ट्रांसफर कर दिया जाता है. मनीकंट्रोल जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म अपने पार्टनर लेंडर्स के जरिए इंस्टेंट पर्सनल लोन या बिजनेस लोन के लिए अप्लाई करने का 100% पेपरलेस प्रोसेस ऑफर करते हैं.
बेहतर ब्याज दरें : प्राइवेट इक्विटी लेंडर्स की तुलना में बैंक और फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशंस अक्सर स्टार्टअप लोन्स पर कम ब्याज दरें ऑफर करते हैं. इसके अलावा इन लोन्स पर टैक्स बेनिफिट्स भी मिल सकते हैं.
ज्यादा लोन अमाउंट : यहां आपको मनमुताबिक अमाउंट भी मिल सकता है, जिससे आप शॉर्ट-टर्म और लॉन्ग-टर्म जरूरतों को पूरा कर सकते हैं.
फ्लेक्सिबिलिटी : स्टार्टअप लोन का रीपेमेंट टेन्योर फ्लेक्सिबल होता है. फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशंस नए स्टार्टअप्स को मुनाफे या ओनरशिप में हिस्सेदारी की मांग किए बिना अलग-अलग प्रकार के लोन ऑप्शंस ऑफर करते हैं.
कुल मिलाकर, स्टार्टअप लोन एंटरप्रेन्योर्स के सपने को साकार करने में अहम भूमिका निभा सकते है. मनीकंट्रोल ऐप और वेबसाइट के साथ पार्टनरशिप में 50 लाख रुपए तक के इंस्टेंट लोन्स की सुविधा प्रदान करते हैं. अपनी रोजगार की स्थिति के आधार पर, आप पर्सनल लोन और बिजनेस लोन में से चुन सकते हैं. यहां पूरा प्रोसेस 100% डिजिटल है और ब्याज दरें केवल 9.99% प्रति साल से शुरू होती हैं. इस पर कोई हिडेन चार्जेज भी नहीं हैं.