Byju's अपने एंप्लॉयीज की सैलरी नहीं बढ़ाएगी। उसने इस फाइनेंशियल ईयर में एप्रेजल का प्लान टाल दिया है। इसकी वजह खर्च घटाना है। वित्तीय संकट से जूझ रहे इंडिया के सबसे मूल्यवान ने यह फैसला किया है। Byju's India बिजनेस के हेड मृणाल मोहित ने पिछले हफ्ते ट्यूशन सेंटर के एंप्लॉयीज को इस बारे में बताया था। उन्होंने कहा था कि कंपनी ने अभी एप्रेजल के बारे में कोई फैसला नहीं किया है। इस मसले पर फैसला अगले दो महीने में हो सकता है। दूसरे वर्टिकल्स के हेड ने भी इस बारे में एंप्लॉयीज के सवालों के साफ जवाब नहीं दिए हैं। कंपनी के एक एंप्लॉयीज ने नाम जाहिर नहीं करने की शर्त पर बताया कि हमारे एप्रेजल के बारे में कंपनी की तरफ से अब तक किसी तरह का अपडेट नहीं है।
कई दूसरे यूनिकॉर्न्स भी नहीं कर रहे एप्रेजल्स
एंप्लॉयी ने कहा, "HR हमें आश्वासन देता रहता है कि हमारी सैलरी बढ़ाई जाएगी। लेकिन, कब और कितनी, इस बारे में उनके पास बताने के लिए कुछ नहीं है।" कंपनी के ज्यादातर एंप्लॉयीज को अभी वेरिएबल पे और दूसरे इनसेंटिव्स भी नहीं मिले हैं। इस बारे में पूछने पर बायजूज ने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। बायजूज उन यूनिकॉर्न्स की बढ़ती लिस्ट का हिस्सा बन गया है, जो एप्रेजल नहीं करने जा रहे हैं। ये कंपनियां फंडिंग की दिक्कत की वजह से अब अपने बिजनेस को मुनाफे में लाने पर फोकस कर रही हैं।
फंड की कमी की वजह से लिया फैसला
इंडिया में 100 यूनिकॉर्न्स में से 30 से ज्यादा ने इस साल अप्रेजल के लिए कोई बजट नहीं रखा है। मनीकंट्रोल ने इस बारे में जून में खबर दी थी। इससे पहले मनीकंट्रोल ने फरवरी में अपनी खबर में बताया था कि SoftBank के इनवेस्टमेंट वाली Unacademy इस साल अपने एंप्लॉयीज की सैलरी नहीं बढ़ाएगी। इसके बदले वह उन्हें परफॉर्मेंस के आधार पर स्टॉक ऑप्शंस ऑफर करेगी।
बड़ी संख्या में एंप्लॉयीज को नौकरी से हटा चुकी है बायजूज
एप्रेजल नहीं करने का बायूजज का फैसला खर्च घटाने की कोशिश की अगली कड़ी है। इस हफ्ते की शुरुआत में मनीकंट्रोल ने बताया था कि उसने बेंगलुरु में अपने सबसे बड़े ऑफिस को खाली कर दिया है। इससे कंपनी को हर महीने 3 करोड़ रुपये बचाने में मदद मिलेगी। पिछले साल से अब तक कंपनी 5,000 से ज्यादा एंप्लॉयीज को नौकरी से हटा चुकी है। वह अब ज्यादातर एंप्लॉयीज को कॉन्ट्रैक्ट पर रख रही है। इससे कंपनी को पीएफ जैसे कई जरूरी खर्च नहीं करने पड़ेंगे।
फंड जुटाने की बायजूज की कोशिश नाकाम
EPFO से मिले आधिकारिक डेटा के मुताबिक, जून में बायजूज के रोल पर करीब 25,000 एंप्लॉयीज थे। पिछले साल सितंबर में यह संख्या करीब 60,000 थी। इससे पहले बायजूज की वैल्यूएशन 22 अरब डॉलर से थोड़ी ज्यादा लगाई गई थी। कंपनी के सामने कुछ दूसरी चुनौतियां भी हैं। इनमें FEMA के तहत ED की तलाशी भी शामिल है। इस साल की शुरुआत से कंपनी 70 करोड़ डॉलर का फंड जुटाने की कोशिश कर रही है। लेकिन, अब तक उसे कामयाबी नहीं मिली है। मई में उसने Davidson Kempner से स्ट्रक्चर्ड इंस्ट्रूमेंट्स के जरिए 25 करोड़ डॉलर जुटाए थे। लेकिन, अभी इसमें से आधा अमाउंट मिलना बाकी है।