एडटेक स्टार्टअप बायूजज (Byju's) इन दिनों कई मोर्चों पर संकटों का सामना कर रही है। इस बीच कंपनी के फाउंडर बायजू रवींद्रन ने हाल ही में कंपनी के 50 सीनियर लीडर्स के साथ एक बैठक कर उन्हें आश्वासन दिया कि यह कई मोर्चों पर एक साथ लड़ाई लड़ने जैसा है, लेकिन इस लड़ाई के अंत में वे ही जीतेंगे। यह बैठक ऐसे समय में हुई जब कंपनी नकदी संकट का सामना कर रही है और अपने कारोबार को जारी रखने के लिए कई चैनलों के जरिए फंड जुटाने की कोशिश कर रही है। यह वही बायजूज है, जिसेकभी देश का सबसे अधिक वैल्यूएशन वाला स्टार्टअप बताया जाता था।
सूत्रों ने बताया कि रवींद्रन बायूज ने बैठक में कहा, "एक सच्चा आंत्रप्रेन्योर, एक वॉर लीडर की तरह होता है। बायजूज जिस दौर से गुजर रहा है उसे कई मोर्चों पर एक साथ जारी युद्ध के रूप में देखा जा सकता है।" इसके अलावा, उन्होंने हाल ही में टीम को ज्यादा फेसटाइम नहीं दे पाने के लिए भी माफी मांगी।
उन्होंने कहा, "मुझे इस बात का अफसोस है कि मैं पर्याप्त पूंजी नहीं मुहैया कराकर एक अद्भुत टीम को निराश कर रहा हूं।" हालांकि उन्होंने अंत में भरोसा दिया कि बायजूस अगले कुछ महीनों में, उन ऊंचाइयों पर वापस जाने के लिए उड़ान भरेगा, जहां उसका हक है।
इसके अलावा उन्होंने बैठक में उन मुद्दों को लेकर भी अपडेट दिया, जिसमें बायजूज अभी उलझा हुआ है। इसमें टर्म लोन बी से लेकर ED का नोटिस, एसेट्स की बिक्री और मौजूदा नकदी संकट शामिल है।
बायजूज को हाल के सालों में अपने प्रोडक्ट्स को आक्रामत तरीके से बच्चों के मातापिता को बेचने के लिए आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था। इसके सीईओ अर्जुन मोहन ने अब बिक्री के आंकड़ों को अधिकतम करने की जगह सही लोगों को सही उत्पाद बेचने की आवश्यकता पर जोर दिया। इसे उन्होंने बायजूज 3.0 की रणनीति के तौर पर परिभाषित किया।
उन्होंने कहा, "बायजूज 1.0 ऑफलाइन था, जबकि 2.0 में टेक आधारित डिलीवरी था। अब बायजूस 3.0 में गहन तकनीक के साथ पर्सनाइलेजशन पर जोर होगा और बिक्री के लिए सही दृष्टिकोण और जवाबदेही अपनाई जाएगी।"
बायजू ने 2023 में कंपनी के सामने आई कुल 5 चुनौतियों पर चर्चा की। पहली चुनौती टर्म लोन बी (Term Loan B) से जुड़ी मुकदमेबाजी है। उन्होंने कहा कि इस चुनौती का समाधान एपिक (Epic) की बिक्री के बाद किया जाना चाहिए, जो अमेरिका में बायजू की सहायक कंपनी है।
दूसरी चुनौती प्रवर्तन निदेशालय (ED) से मिला नोटिस है। बायजूज ने साफ किया कि यह नोटिस तकनीकी खामियों को लेकर और इनमें से अधिकांश मुद्दों को पहले ही हल किया जा चुका है। बायजू के अनुसार, तीसरी चुनौती वित्त वर्ष 2023 के ऑडिट को पूरा करना है, जो जल्द ही पूरा होने की राह पर है।
चौथी चुनौती आकाश एजुकेशनल सर्विसेज लिमिटेड (एईएसएल) से जुड़ी थी, जिसके तहत डेविडसन केम्पनर लोन को लेकर मुकेदमाबाजी हुई थी। अब इस मामले को रंजन पई के लोन लेने के साथ हल कर दिया गया है। वहीं पांचवी चुनौती फंडिंग जुटाने को लेकर है।