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चेन्नई की स्टार्टअप Paysharp को RBI से मिला पेमेंट एग्रीगेटर का लाइसेंस, जानें डिटेल

चेन्नई मुख्यालय वाली फिनटेक स्टार्टअप पेशॉर्प (Paysharp) को पेमेंट एग्रीगेटर के रूप में काम करने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) सैद्धांतिक मंजूरी मिल गई है। पिछले तीन महीनों में ओपन (Open), इंफीबीम (Infibeam) और कैशफ्री (Cashfree) सहित कई फिनटेक कंपनियों को भी पेमेंट एग्रीगेटर लाइसेंस के लिए मंजूरी मिली है

Moneycontrol Newsअपडेटेड Dec 26, 2022 पर 7:46 PM
चेन्नई की स्टार्टअप Paysharp को RBI से मिला पेमेंट एग्रीगेटर का लाइसेंस, जानें डिटेल
Paysharp को कृष्ण कुमार मणि और सतीश एस ने साल 2019 में शुरू किया था

चेन्नई मुख्यालय वाली फिनटेक स्टार्टअप पेशॉर्प (Paysharp) को पेमेंट एग्रीगेटर के रूप में काम करने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) से सैद्धांतिक मंजूरी मिल गई है। स्टार्टअप ने सोमवार 26 सितंबर को जारी एक बयान में यह जानकारी दी। Paysharp के को-फाउंडर और सीईओ कृष्ण कुमार मणि ने इस मौके पर कहा, "इससे हमें अपने मौजूदा प्रोडक्ट की क्षमताओं में सुधार करने और देश के लाखों SME और छोटे कारोबारियों के फाइनेंशियल ऑपरेशन को ऑटोमेट करने का नया नजरिया विकसित करने में मदद मिलेगी।"

कृष्ण कुमार मणि और सतीश एस ने साल 2019 में मिलकर Paysharp को शुरू किया था। यह एक B2B स्टार्टअप है, जो बिजनेसों को उनके सॉल्यूशएन या मोबाइल ऐप के साथ उनके एंटरप्राइज-ग्रेड के वर्चुअल खातों या UPI सिस्टम को जोड़ने का समाधान ऑफर करता है।

यह ब्रांडेड UPI हैंडल और कस्टमाइजेशन के साथ एक कंप्लीट कलेक्शन सॉल्यूशन ऑफर करता है, जिसमें मोबाइल इंटेंट, कलेक्शन रिक्वेस्ट और डायनेमिक क्यूआर कोड सहित UPI पेमेंट के सभी विकल्प मौजूद रहते हैं।

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