Maharashtra AI Policy: महाराष्ट्र सरकार ने अपनी ‘स्टेट एआई पॉलिसी-2026’ लॉन्च की है। इसका उद्देश्य इंडस्ट्रीज और सरकारी सर्विसेज में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के इस्तेमाल को बढ़ाना है। इस नीति को कैबिनेट बैठक में मंजूरी दी गई और इसके तहत अलग-अलग सेक्टर्स में इसे लेकर क्या काम हुआ, इसकी निगरानी के लिए एक डेडिकेटेड ‘स्टेट एआई मिशन’ बनाने की भी योजना है। इस नीति को लेकर तैयारी पिछले साल 2025 की जनवरी में शुरू हुई थी, जब राज्य सरकार ने महाराष्ट्र के पहले एआई फ्रेमवर्क के लिए सुझाव तैयार करने के लिए 16 सदस्यों की कमेटी बनाई थी। महाराष्ट्र का लक्ष्य वर्ष 2031 तक ₹10,000 करोड़ से अधिक का निवेश लाने और 1.5 लाख से अधिक नौकरियों के मौके पैदा करने की है। सरकार की योजना आने वाले वर्षों में करीब 2 लाख स्टुडेंट्स, प्रोफेशनल्स और युवाओं को एआई से जुड़े स्किल्स की ट्रेनिंग देने की है।
एआई इंफ्रा के डेवलपमेंट और सरकारी विभाग की मजबूती पर जोर
महाराष्ट्र सरकार की नीति का एक बड़ा हिस्सा एआई के लिए डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने पर है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सरकार की योजना कम-से-कम 2,000 GPU क्षमता वाले कंप्यूटिंग इकोसिस्टम को विकसित करने की है, जिससे एआई से जुड़े प्रोजेक्ट्स और सर्विसेज को सपोर्ट मिलेगा। सरकारी विभाग ‘कंप्यूट-एज-ए-सर्विस’ सिस्टम के जरिए रिसोर्सेज का मिल-जुलकर इस्तेमाल कर सकेंगे। इसके अलावा सरकार की नीति में इनोवेशन को लेकर पांच सेक्टर्स में खास 'एआई सिटीज' डेवलप करने का प्रस्ताव भी शामिल है।
एआई टूल्स को क्षेत्रीय भाषाओं से लैस करने के लिए महाराष्ट्र सरकार मराठी, स्थानीय बोलियों और आदिवासी भाषाओं से जुड़ा डेटा सेट तैयार करेगी। इन डेटा सेट्स को ‘स्टेट एआई डेटा एक्सचेंज’ प्लेटफॉर्म के तहत लाया जाएगा और केंद्र सरकार की ‘AI Kosh’ पहल से लिंक किया जाएगा। महाराष्ट्र सरकार की एआई पॉलिसी में इसके नैतिक इस्तेमाल को लेकर भी प्रावधान जोड़े गए हैं जिसके तहत सरकारी विभागों का हर साल एआई रेडीनेस ऑडिट किया जाएगा।
MSMEs और स्टार्ट-अप्स को सपोर्ट
MSMEs में एआई अपनाने को बढ़ावा देने के लिए सरकार 5,000 MSMEs को एआई लागू करने के खर्च का 20% तक सब्सिडी देगी। इसके अलावा एक सेंट्रलाइज्ड सपोर्ट प्लेटफॉर्म ‘महा एआई टूल्स हब’ भी लॉन्च किया जाएगा। राज्य सरकार ने ₹500 करोड़ का ‘एआई स्टार्टअप वेंचर फंड’ का प्रस्ताव पेश किया है, जिसमें सरकार और प्राइवेट इंवेस्टर्स की बराबर हिस्सेदारी होगी। इस नीति के तहत एलिजिबल स्टार्टअप्स को ₹1 करोड़ तक की सरकारी मदद मिल सकेगी। वहीं महिलाएं को अपने स्टार्टअप्स के लिए ₹2.5 करोड़ तक की वित्तीय मदद और 25% अतिरिक्त मदद मिल सकती है।
महाराष्ट्र सरकार ने एआई प्रोजेक्ट्स में निवेश करने वाली कंपनियों के लिए कुछ प्रोत्साहन भी घोषित किए हैं। इनमें फिक्स्ड कैपिटल निवेश पर 20% तक मदद, स्टांप ड्यूटी में पूरी माफी और 10 वर्षों तक प्रति यूनिट ₹2 की दर से बिजली जैसी मदद शामिल है। इसके अलावा कंपनियों को घरेलू पेटेंट्स पर ₹8 लाख तक और अंतरराष्ट्रीय पेटेंट्स पर ₹10 लाख तक के साथ-साथ सर्टिफिकेशन औरअंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनियों के खर्च पर ₹25 लाख तक का रीइंबर्समेंट भी मिलेगा।