ZestMoney to Shut Down: "बाय नाउ और पे लेटर" की सुविधा देने वाला स्टार्टअप जेस्टमनी (ZestMoney) बंद होने जा रहा है। नियामकीय अनिश्चितताओं और कंपनी के नए मैनेजमेंट की ओर से बिजनेस को पूनर्जीवित करने का प्रयास असफल रहने के बाद यह फैसला लिया गया है। कंपनी ने मंगलवार 5 दिसंबर को कर्मचारियों के साथ एक टाउनहाल बैठक में बताया कि वे अपना बिजनेस बंद कर रहे हैं और कंपनी में बचे 150 कर्मचारियों को नौकरी से निकाल देगा। हालांकि कारोबार बंद करने की प्रक्रिया पूरी करने के लिए वह अपनी लीगल और फाइनेंस टीम को बनाए रखेगा। ZestMoney का वैल्यूएशन अपने पीक पर 40 करोड़ डॉलर था।
जेस्टमनी के फाउंडरों ने काफी पहले ही कंपनी से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद कंपनी की जिम्मेदारी निवेशकों और इसके नए मैनेजमेंट पर आ गई। जेस्टमनी ने खुद को डूबने से बचाने के लिए फोनपे (PhonePe) के साथ बातचीत शुरू की थी, लेकिन बाद में फोनपे इसके अधिग्रहण से पीछे हट गया। इसी के बाद ZestMoney में चीजें खराब होती चली गईं।
कंपनी के नए मैनेजमेंट ने बिजनेस को फिर से पुनर्जीवित करने के लिए 'ZestMoney 2.0' नाम से एक नई योजना पेश की थी, लेकिन यह सफल नहीं हो सका।
कंपनी ने निकाले जा रहे कर्मचारियों को 2 महीने की अतिरिक्त सैलरी और दूसरी जगह नौकरी दिलवाने में मदद का आश्वासन दिया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म लिंक्डइन पर ZestMoney के कई कर्मचारियों ने अभी से अपने प्रोफाइल पर 'ओपन टू वर्क' का टैग जोड़ लिया है।
एक कर्मचारी ने नाम न छापने की शर्त पर मनीकंट्रोल को बताया, “हमें पता था कि कुछ हो रहा है लेकिन हमें उम्मीद नहीं थी कि वे इसे बंद कर देंगे। हमें अगले महीने सैलरी देने का वादा किया गया था लेकिन अब स्थिति बहुत तनावपूर्ण है। कई लोगों ने बाहर नौकरी देखना शुरू कर दिया है।”
जेस्टमनी को साल 2016 में लिजी चैपमैन, प्रिया शर्मा और आशीष अनंतरामन ने मिलकर शुरी किया था। कंपनी के पास 1.7 करोड़ ग्राहकों का यूजर्स बेस था और यह प्रति माह करीब 400 करोड़ रुपये के लोन बांटती थी। कंपनी के 27 लेंडिंग पार्टर्नस थे और इसने 10,000 ऑनलाइन ब्रांड्स और 75,000 ऑफलाइन स्टोर्स के साथ साझेदारी कर रखी थी।