TCS ने FY27 में 25000 फ्रेशर्स को दिए जॉब ऑफर, आगे क्या प्लान?

पिछले 3 वर्षों से TCS हर साल 40,000 से अधिक फ्रेशर्स को नौकरी दे रही है। फिलहाल अनुभवी कर्मचारियों की भर्ती को बढ़ाने की कोई योजना नहीं है। वित्त वर्ष 2025-26 में TCS ने लगभग 12,000 कर्मचारियों की छंटनी की थी

अपडेटेड Apr 12, 2026 पर 1:23 PM
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TCS ने वित्त वर्ष 2025-26 में 44,000 फ्रेशर्स की नियुक्ति की थी।

देश की सबसे बड़ी IT कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) ने चालू वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 25,000 फ्रेशर्स को नौकरी देने की पेशकश की है। कंपनी ने संकेत दिया है कि आगे की नियुक्तियां बाजार में मांग की स्थिति पर निर्भर करेंगी। न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, TCS के CEO और मैनेजिंग डायरेक्टर के. कृतिवासन का कहना है कि कंपनी ने वित्त वर्ष 2025-26 में 44,000 फ्रेशर्स की नियुक्ति की थी। ये देश में प्राइवेट सेक्टर की किसी कंपनी में की गईं सबसे ज्यादा भर्तियां हैं।

उन्होंने कहा कि 2026-27 के दौरान हमने 25,000 फ्रेशर्स को नौकरी देने की पेशकश की है। मांग पर स्थिति स्पष्ट होने के बाद हम और नियुक्तियां करेंगे। पिछले 3 वर्षों से TCS हर साल 40,000 से अधिक फ्रेशर्स को नौकरी दे रही है। कृतिवासन ने कहा कि फिलहाल अनुभवी कर्मचारियों की भर्ती को बढ़ाने की कोई योजना नहीं है। उन्होंने बताया कि फ्रेशर्स को किसी प्रोजेक्ट में जोड़ने से पहले करीब 9 महीने की ट्रेनिंग दी जाती है। वहीं अनुभवी कर्मचारी तुरंत काम शुरू कर सकते हैं। ऐसे में भर्ती की रणनीति पूरी तरह से कारोबारी जरूरतों पर निर्भर करती है।

TCS में क्या फिर हो सकती है छंटनी?


वित्त वर्ष 2025-26 में TCS ने लगभग 12,000 कर्मचारियों की छंटनी की थी। क्या फिर से छंटनी हो सकती है? इस पर कृतिवासन ने कहा कि कंपनी में अच्छा प्रदर्शन करने वाले कर्मचारियों के लिए लंबे समय तक करियर के अवसर उपलब्ध हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आर्टिफीशियल इंटेलीजेंस (AI) का इस छंटनी से कोई सीधा संबंध नहीं था, बल्कि प्रोजेक्ट्स के एग्जीक्यूशन के तरीके में बदलाव के कारण वरिष्ठ स्तर के कर्मचारियों की जरूरत कम हुई है।

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प्रोजेक्ट्स की पाइपलाइन स्थिर

कारोबारी माहौल पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि कंपनी के प्रोजेक्ट्स की पाइपलाइन स्थिर है, जो वर्तमान वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों में सकारात्मक संकेत है। नई मांग विभिन्न क्षेत्रों और भौगोलिक बाजारों से आ रही है, जिसमें लागत अनुकूलन और डिजिटल बदलाव से जुड़ी डील्स शामिल हैं। TCS ने वित्त वर्ष 2025-26 में कुल 40 अरब डॉलर के नए कॉन्ट्रैक्ट हासिल किए। नए कॉन्ट्रैक्ट्स को रेवेन्यू में बदलने की दर भी बढ़ी है।कंपनी के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर समीर सेकसरिया का कहना है कि TCS विभिन्न उपायों से प्रॉफिट मार्जिन बढ़ाने पर फोकस करेगी।

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