सोशल मीडिया पर ऐसी खबर वायरल हो रही है कि टेक महिंद्रा लिमिटेड (Tech Mahindra) में बड़े पैमाने पर छंटनी होने जा रही है। लेकिन ऐसा नहीं है। कंपनी ने इस खबर को कोरी अफवाह बताया है और कहा है कि वह अपने कर्मचारियों की संख्या में कोई बड़ी कटौती करने की योजना नहीं बना रही है। सोमवार को एक एक्सचेंज फाइलिंग में, IT सर्विसेज कंपनी ने साफ किया कि ऑनलाइन बड़े पैमाने पर शेयर किए जा रहे जॉब कट के संभावित दावे गलत हैं।
टेक महिंद्रा ने शेयर बाजारों को बताया कि वर्कफोर्स में बड़ी कमी किए जाने की अफवाह को लेकर कंपनी को कॉल आए हैं और उसने कुछ सोशल मीडिया पोस्ट भी देखी हैं। इन अटकलों को देखते हुए, कंपनी अपनी मर्जी से स्टॉक एक्सचेंजेस को यह साफ करना जरूरी समझती है कि ऐसा कोई प्रपोजल सोच-विचार में नहीं है। कंपनी ऐसी किसी भी मार्केट अफवाह से साफ इनकार करती है। कंपनी ने SEBI लिस्टिंग रेगुलेशंस के तहत जरूरी डिस्क्लोजर नियमों का पालन किया है और करती रहेगी।
30,000 कर्मचारियों की छंटनी की उड़ी अफवाह
टेक महिंद्रा की ओर से यह सफाई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कई पोस्ट के बाद आई है। इनमें कहा गया है कि कंपनी अपने कर्मचारियों की संख्या में काफी कमी कर सकती है। एक बड़े पैमाने पर शेयर की गई पोस्ट में दावा किया गया था कि 30,000 कर्मचारियों की छंटनी की जा सकती है। यह कदम टेक्नोलॉजी सेक्टर में आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस को अपनाने से जुड़ा है।
टेक महिंद्रा ने इस सोशल मीडिया पोस्ट पर कोई कमेंट नहीं किया, लेकिन कहा कि कर्मचारियों की संख्या में कटौती की योजना के बारे में खबरें झूठी हैं। कंपनी के लेटेस्ट तिमाही डिस्क्लोजर के मुताबिक, टेक महिंद्रा के दुनिया भर में करीब 1.5 लाख कर्मचारी हैं। हाल की तिमाही में कुल वर्कफोर्स का साइज मोटे तौर पर स्थिर रहा है।
फिक्स्ड-प्राइस प्रोजेक्ट्स में प्रोडक्टिविटी बेहतर करने पर फोकस
इससे पहले टेक महिंद्रा के मैनेजमेंट ने कहा था कि कंपनी छंटनी नहीं कर रही है, लेकिन वह फिक्स्ड-प्राइस प्रोजेक्ट्स में प्रोडक्टिविटी बेहतर करने पर फोकस कर रही है। इसमें हेडकाउंट कम करने के बजाय, पूरे हो चुके या कम यूटिलाइजेशन वाले प्रोजेक्ट्स से कर्मचारियों को नए असाइनमेंट में रीडिप्लॉय करना शामिल है। टेक महिंद्रा भी आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन में अपना निवेश बढ़ा रही है। कंपनी ने हाल ही में माइक्रोसॉफ्ट के साथ एक कोलेबोरेशन अनाउंस किया है ताकि एक ऑन्टोलॉजी-ड्रिवन एजेंटिक AI प्लेटफॉर्म लॉन्च किया जा सके। इसका मकसद टेलीकॉम और एंटरप्राइज डेटा मॉडर्नाइजेशन को तेज करना है।