IT कंपनी टेक महिंद्रा (Tech Mahindra) ने महाराष्ट्र के कॉलेजों में 2025 बैच के 1,000 से ज्यादा इंजीनियरिंग ग्रेजुएट्स को सिलेक्ट किया। लेकिन इन्हें अभी तक नौकरी पर नहीं रखा गया है। प्रभावित ग्रेजुएट्स ने मनीकंट्रोल को बताया कि जनवरी-फरवरी 2025 के बीच कई राउंड के एप्टीट्यूड टेस्ट और दो राउंड के टेक्निकल और HR इंटरव्यू पास करने के बाद उनका सिलेक्शन कंफर्म हुआ था। लेकिन अभी तक उन्हें अपने ऑफर लेटर नहीं मिले हैं।।
पुणे के एक कॉलेज में पढ़ने वाले एक फ्रेशर ने मनीकंट्रोल को बताया, “मैंने जनवरी 2025 में दो राउंड के टेस्ट दिए थे। फिर हमें फरवरी में पुणे में टेक महिंद्रा के ऑफिस में दो इंटरव्यू राउंड के लिए बुलाया गया। फाइनल सिलेक्शन लिस्ट मार्च 2025 में आई। कॉलेज के आखिरी साल में हमें अपनी नौकरी के सिलेक्शन के बारे में बताए हुए लगभग एक साल हो गया है। हमें अभी तक अपने फॉर्मल ऑफर लेटर भी नहीं मिले हैं।”
फ्रेशर ने आगे कहा, “हमारे कॉलेज प्लेसमेंट सेल ने बताया था कि IT कंपनियों से ऑफर लेटर और जॉइनिंग डेट मिलने में कुछ देरी हो सकती है, इसलिए हमें पहले चिंता नहीं थी। लेकिन अब मेरे सभी बैचमेट्स को अक्टूबर और दिसंबर तक अपनी जॉइनिंग डेट मिल गई हैं, हम अभी भी अपडेट का इंतजार कर रहे हैं। प्लेसमेंट सेल हेड ने भी हमारी मदद नहीं की है। वे इस साल के बैच की कैंपस हायरिंग पर फोकस कर रहे हैं। हम अब फंस गए हैं।”
IT जॉब मार्केट में जगह बनाना हुआ मुश्किल
पुणे से लगभग 500 km दूर के एक जिले से आने वाले फ्रेशर ने कहा कि वह अपने होमटाउन नहीं लौट पाया है। उसके रिश्तेदारों और पड़ोसियों को पता है कि एक जानी-मानी मल्टीनेशनल IT फर्म में उसका कैंपस प्लेसमेंट हो गया है। लेकिन अब तक जॉइनिंग न होने के कारण वह उनके सामने नहीं जा पा रहा है। एक और फ्रेशर ने बताया कि मौजूदा ऑफर में कोई प्रोग्रेस न देखने के बाद उन्होंने दिवाली के बाद दूसरी IT कंपनियों में जॉब के लिए अप्लाई करना शुरू कर दिया था। लेकिन बिजनेस के मौजूदा माहौल और AI की वजह से आई दिक्कतों में IT जॉब मार्केट में जगह बनाना मुश्किल हो गया है।
पुणे में मौजूद फोरम फॉर इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एंप्लॉयीज (FITE) के सेक्रेटरी प्रशांत पंडित ने कहा, “1,000 से ज्यादा सिलेक्ट हुए फ्रेशर्स टेक महिंद्रा से जॉइनिंग लेटर का इंतजार कर रहे हैं। जैसे ही और फ्रेशर्स आधिकारिक तौर पर शिकायत करेंगे, हम इस मामले को जल्द से जल्द हल करने के लिए श्रम मंत्रालय के पास ले जाएंगे।”
पिछले कुछ सालों से बढ़ती अनिश्चितता के बीच फ्रेशर्स की ऑनबोर्डिंग में देरी इंडस्ट्री भर में एक मुद्दा बन गई है। इससे पहले खबर थी कि विप्रो ने जनवरी में ऑफर लेटर, जॉइनिंग डेट और लोकेशन जारी करने के बाद लगभग 8 महीने के लिए लगभग 250 फ्रेशर्स की ऑनबोर्डिंग टाल दी। 2025 में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) ने भी 600 हायरिंग में देरी की थी, जबकि 2024 में इंफोसिस 2000 फ्रेशर्स की ऑनबोर्डिंग में देरी के लिए सुर्खियों में थी।
FY26 में FY25 के मुकाबले कम फ्रेशर्स की हायरिंग
जनवरी 2026 में अक्टूबर-दिसंबर 2025 तिमाही की अर्निंग्स कॉन्फ्रेंस के दौरान टेक महिंद्रा के CEO और MD मोहित जोशी ने कहा था कि कंपनी वित्त वर्ष 2026 में पिछले वित्त वर्ष की तुलना में कम फ्रेशर्स को हायर करेगी। वित्त वर्ष 2025 में कंपनी ने लगभग 6,000 फ्रेशर्स को हायर किया था। जोशी ने कहा कि टेक महिंद्रा इन फिक्स्ड-प्राइस प्रोग्राम्स के लिए प्रोडक्टिविटी बढ़ाना चाहती है। साथ ही फ्रेश टैलेंट को हायर करने या कर्मचारियों के इस्तीफे के बाद नई नियुक्ति करने के बजाय अपने मौजूदा टैलेंट पूल और बेंच पर बैठे (किसी प्रोजेक्ट में न लगाए गए) एंप्लॉइज का इस्तेमाल करेगी।
दिसंबर 2025 तिमाही में टेक महिंद्रा के कर्मचारियों की संख्या में तिमाही आधार पर 3098 की कमी आई। IT कर्मचारियों की संख्या में 2334 की कमी आई। कुल कर्मचारियों की संख्या घटकर 149,616 रह गई, जो सालाना आधार पर 872 की कमी है। कंपनी के कर्मचारियों में IT, BPS, सेल्स और सपोर्ट स्टाफ शामिल है।