कई निवेशकों और ट्रेडर्स ने दावा किया कि सोमवार 5 दिसंबर को कोटक नियो (Kotak Neo) ऐप का इस्तेमाल करते समय उन्हें कुछ तकनीकी गड़बड़ियों (Technical Glitches) का सामना करना पड़ा। कई यूजर्स ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर (Twitter) पर कंपनी को टैग करते हुए अपनी शिकायत दर्ज कराई। यूजर्स ने दावा किया कि ऐप लगभग पूरा दिन बंद था, जिसके चलते वह न नए ऑर्डर दे पाए और न ही अपनी पोजिशन को स्क्वायर ऑफ कर पाए।
चार्टड अकाउंटेंट और ट्रेडर, बिजय कुमार शर्मा ने बताया "इंडियन स्टॉक एक्सचेंज के इतिहास में शायद यह पहली बार है, जब किसी ब्रोकर पूरे दिन ठप पड़ा था। यह बहुत ही खराब सेवा है।"
कोटक सिक्योरिटीज ने सुबह 11 बजे ट्विटर पर यूजर्स के लिए एक अपडेट जारी किया। ब्रोकरेज ने कहा, "हम फिलहाल कोटक नियो में NSE एडॉप्टर और NSE ऑर्डर के साथ समस्याओं का सामना कर रहे हैं। BSE में ट्रेड ठीक चल रहे हैं। टीम इस मुद्दे को हल करने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रही है। हुई असुविधा के लिए हमें खेद है।"
हालांकि कई यूजर्स ने बताया कि दिन खत्म होने तक भी ये खामियां दूर नहीं हुई थीं। एक यूजर्स ने बताया कि पैसे निकालने की रिक्वेस्ट देने पर उन्हें एक नोटिफिकेशन मिला, जिसमें कहा गया था कि तकनीकी खामियों के चलते उनका ऑर्डर कल शाम (दिसंबर 6) तक प्रॉसेस होगा।
एक दूसरे परेशान यूजर ने लिखा, "न तो आप अपने कोटक खाते का इस्तेमाल करके ट्रेड कर सकते हैं और न ही आप अफना पैसा निकाल सकते हैं।"
स्टॉक ब्रोकरों के ऐप और वेबसाइट में लगातार आ रही तकनीकी गड़बड़ियों को देखते हुए सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) ने बीते 25 नवंबर को एक नया फ्रेमवर्क जारी किया था। इस फ्रेमवर्क का मकसद ऐसे मामलों में कमी लाना था।
यह नया फ्रेमवर्क 1 अप्रैल 2023 से लागू किया जाएगा। इसमें तकनीकी खामियों का सामना कर रहे ब्रोकर के लिए रिपोर्ट की नई जरूरतें, वित्तीय जुर्माने, क्षमता योजना और सॉफ्टवेयर की टेस्टिंग सहित अन्य उपाय शामिल हैं।