स्विस घड़ियां, चॉकलेट भारतीय ग्राहकों के लिए होने वाले है सस्ते, यूरोपीय देशों के साथ हुआ एग्रीमेंट

भारत और 4 यूरोपीय देशों के साथ यह समझौता आज 10 मार्च को हुआ है। यह समझौता निवेश, और सामान व सर्विसेज के दोतरफा ट्रेड को बढ़ावा देने के लिए किया गया है। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि EFTA देशों ने भारत में अगले 15 सालों में 100 अरब डॉलर निवेश करने का वादा किया है

अपडेटेड Mar 10, 2024 पर 7:16 PM
  • Follow Us On Google
  • Add as a Preferred Source on Google
भारतीय ग्राहकों के लिए स्विस घड़ियां और चॉकलेट सस्ते होने जा रहे हैं।

भारतीय ग्राहकों के लिए स्विस घड़ियां (Swiss watches) और चॉकलेट (chocolates) सस्ते होने जा रहे हैं। दरअसल, भारत ने स्विट्जरलैंड, नॉर्वे, आइसलैंड और लिस्टेंस्टीन नाम के यूरोपीय देशों के एक ग्रुप के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर साइन किया है। इस एग्रीमेंट के तहत टैरिफ को कम करने को लेकर डील हुई है। इस एग्रीमेंट के बाद अब भारतीयों को वर्ल्ड क्लास स्विस घड़ियों और चॉकलेट्स के लिए कम भुगतान करना होगा। इस एग्रीमेंट के तहत भारत चॉकलेट और घड़ियों के साथ-साथ स्विट्जरलैंड से आने वाली पॉकेट घड़ियों पर बेसिक कस्टम ड्यूटी कम करेगा।

वर्तमान में भारत चॉकलेट और चॉकलेट प्रोडक्ट्स पर 30 फीसदी और स्विट्जरलैंड से आने वाली अधिकांश घड़ियों पर 20 फीसदी का आयात शुल्क लगाता है।

भारत और 4 यूरोपीय देशों के साथ यह समझौता आज 10 मार्च को हुआ है। यह समझौता निवेश, और सामान व सर्विसेज के दोतरफा ट्रेड को बढ़ावा देने के लिए किया गया है। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि EFTA देशों ने भारत में अगले 15 सालों में 100 अरब डॉलर निवेश करने का वादा किया है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि यह निवेश फार्मा, मेडिकल डिवाइस, फूड सेक्टर्स के लिए एक बड़ा मौका है।


2022-23 में भारत और चार EFTA देशों के बीच टोटल ट्रेड 18.66 अरब डॉलर का रहा, जिसमें सबसे बड़ा हिस्सा स्विट्जरलैंड का था, उसके बाद नॉर्वे का स्थान रहा। EFTA देशों को भारत के प्रमुख एक्सपोर्ट्स में ऑर्गेनिक और इनऑर्गेनिक केमिकल, ड्रग्स और फार्मास्यूटिकल्स, रत्न और ज्वेलरी शामिल हैं। इसके अलावा, इन देशों से सोना, फार्मास्यूटिकल्स, घड़ियां और शिप और बोट्स आयात किए जाते हैं।

ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव के अनुमान के मुताबिक द्विपक्षीय व्यापारिक व्यापार में स्विटजरलैंड की हिस्सेदारी 91 फीसदी है, जो इसे भारत का सबसे बड़ा EFTA ट्रेडिंग पार्टनर बनाता है। एग्रीमेंट के हिस्से के रूप में जब भी समझौता लागू होगा, भारत स्विट्जरलैंड से आने वाली अधिकांश मशीनरी वस्तुओं और मेडिकल डिवाइस पर शुल्क को एक बार में समाप्त कर देगा।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।