Unity SFB के प्रमोटर बेच सकते हैं हिस्सेदारी, करीब 15 करोड़ डॉलर जुटाने का है प्लान

Unity Small Finance Bank: सूत्रों के मुताबिक हिस्सेदारी बिक्री की औपचारिक प्रक्रिया जल्द ही शुरू होने की उम्मीद है और इसके लिए एक निवेश बैंक नियुक्त करने के लिए बातचीत चल रही है। हिस्सेदारी बिक्री भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मंजूरी के अधीन होगी

अपडेटेड May 20, 2024 पर 1:34 PM
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यूनिटी स्मॉल फाइनेंस बैंक (SFB) के प्रमोटर्स फंड जुटाने के लिए कंपनी में अपनी हिस्सेदारी कम कर सकते हैं।

यूनिटी स्मॉल फाइनेंस बैंक (SFB) के प्रमोटर फंड जुटाने के लिए कंपनी में अपनी हिस्सेदारी कम कर सकते हैं। इसके प्रमोटर्स में फिनटेक प्लेयर भारतपे और सेंट्रम ग्रुप शामिल हैं। वे SFB में अपने शेयर बेचकर 13-15 करोड़ डॉलर तक का फंड जुटाने की योजना बना रहे हैं। सूत्रों ने मनीकंट्रोल को यह जानकारी दी है। सूत्रों ने बताया कि भारतपे बैंक में अपनी हिस्सेदारी घटाकर करीब 25-26 फीसदी कर सकता है। वहीं, सेंट्रम ग्रुप कोई हिस्सेदारी बेचने पर विचार नहीं कर रहा है। यूनिटी SFB ने इस मामले पर किसी तरह की टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। सूत्रों ने कहा कि यह भी संभावना है कि हिस्सेदारी बिक्री के हिस्से के रूप में बैंक कुछ प्राइमरी कैपिटल जुटा सकता है।

BharatPe ने Unity SFB में हिस्सेदारी बिक्री की खबरों का खंडन किया

भारतपे के प्रवक्ता ने ईमेल के जवाब में कहा, "यूनिटी बैंक में भारतपे द्वारा अपनी हिस्सेदारी बेचने की कोई भी अटकलें झूठी हैं। हम इसका पूरी तरह से खंडन करते हैं और मीडिया से आग्रह करते हैं कि वे बेबुनियाद अफवाहों पर ध्यान न दें।" भारतपे के पास यूनिटी SFB में 49 फीसदी हिस्सेदारी है। जसपाल बिंद्रा के नेतृत्व वाले सेंट्रम ग्रुप के पास शेष 51 फीसदी हिस्सेदारी है।


हालांकि, सूत्रों के मुताबिक हिस्सेदारी बिक्री की औपचारिक प्रक्रिया जल्द ही शुरू होने की उम्मीद है और इसके लिए एक निवेश बैंक नियुक्त करने के लिए बातचीत चल रही है। हिस्सेदारी बिक्री भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मंजूरी के अधीन होगी।

एक सूत्र ने कहा, "फिनटेक कंपनी अपनी ग्रोथ प्लान, खासकर अपने लेंडिंग बिजनेस ट्रिलियन लोन्स के लिए धन जुटाने की कोशिश कर रही है।" भारतपे ने अपने लेडिंग बिजनेस को बढ़ावा देने के प्रयास में मई 2023 में मुंबई स्थित नॉन-बैंकिंग फाइनेंस कंपनी ट्रिलियन लोन्स में मेजोरिटी स्टेक हासिल की।

भारतपे वित्तीय हेराफेरी के आरोपों के बाद फाउंडर अशनीर ग्रोवर के पद से हटने के बाद से ही बदलाव पर काम कर रहा है। ग्रोवर को मार्च 2022 में उनके लीडरशिप पोजिशन से हटा दिया गया था। नवंबर 2023 में भारतपे ने कहा कि वह 5 साल के ऑपरेशन के बाद मुनाफे में आ गया है। उसने कहा कि अक्टूबर 2023 में उसका EBITDA पॉजिटिव हो गया और उसने अपने लेंडिंग और पेमेंट बिजनेस में अच्छी ग्रोथ के बल पर 1500 करोड़ रुपये का एनुअल रेवेन्यू दर्ज किया।

FY24 में यूनिटी SFB का नेट प्रॉफिट 439 करोड़ रुपये

वित्त वर्ष 2023-24 में यूनिटी ने 981 करोड़ रुपये की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) की सूचना दी, जो पिछले वित्त वर्ष के 560 करोड़ रुपये के NII से 75 फीसदी अधिक है। FY24 में बैंक का नेट प्रॉफिट 439 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले वित्त वर्ष में यह केवल 35 करोड़ रुपये था। बैंक के लेंडिंग बिजनेस में मुख्य रूप से माइक्रोफाइनेंस लोन, MSME लोन और सप्लाई-चेन फाइनेंस शामिल हैं।

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