अमेरिका और ईरान के बीच तनाव के चलते सप्लाई चेन प्रभावित हुआ है और एनर्जी प्राइसेज हाई बने हुए हैं। ऐसे में इस बात के आसार जताए जा रहे हैं कि अमेरिका का केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व अपनी अगली नीतिगत बैठक में ब्याज दरों को स्थिर रख सकता है। फेडरल रिजर्व की दो दिनों तक चलने वाली बैठक मंगलवार को शुरू होगी। यह फेड के चेयरमैन जेरोम पॉवेल (Jerome Powell) के नेतृत्व में आखिरी बैठक हो सकती है। यह बैठक ऐसे चुनौतीपूर्ण माहौल में होने वाली है, जब जेरोम पॉवेल के उत्तराधिकारी का रास्ता काफी कठिन हो रहा है तो दूसरी तरफ फेडरल रिजर्व महंगे तेल के चलते बढ़ती महंगाई और जॉब मार्केट की कमजोरी से जूझ रहा है। ऐसे में एक्सपर्ट्स का मानना है कि फेडरल रिजर्व नीतिगत दरों को 3.50-3.75% की रेंज में स्थिर रख सकता है।
क्या कहना है एक्सपर्ट्स का?
केपीएमसी के सीनियर इकनॉमिस्ट केनेथ किम (Kenneth Kim) ने न्यूज एजेंसी एएफपी से बातचीत में कहा कि पश्चिमी एशिया में क्या हो रहा है, इसे लेकर अभी भी बहुत अनिश्चितता है। उनका मानना है कि तेल और पेट्रोल की कीमतें भले ही चरम पर पहुंचकर थोड़ी कम हुई हों, लेकिन अभी भी ऊंची हैं, जिससे कंज्यूमर्स और बिजनेसेज पर असर पड़ रहा है। फेड का लक्ष्य महंगाई को नियंत्रित करना और बेरोजगारी को कम रखना है। वह महंगाई कम करने के लिए ब्याज दरें बढ़ाता है और आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए घटाता है, लेकिन मौजूदा हालात दोनों तरफ से दबाव डाल रहे हैं।
केनेथ किम के मुताबिक रोजगार के हालिया मजबूक आंकड़ों से फेड को महंगाई पर ध्यान देने के लिए थोड़ी राहत मिली है। एनालिस्ट्स की नजर इस पर रहेगी कि क्या फेड आने वाले समय में दरों में बढ़ोतरी को लेकर कोई संकेत देगा। नेवी फेडरल क्रेडिट यूनियन की चीफ इकनॉमिस्ट हीदर लॉन्ग (Heather Long) का मानना है कि जेरोम पॉवेल आने वाले समय में ब्याज दरों को लेकर स्पष्ट संकेत नहीं देंगे, क्योंकि ईरान से जुड़े युद्ध का पूरा असर अभी स्पष्ट नहीं है।
अमेरिकी फेड भी दे चुका है संकेत
मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक फेड अधिकारी अगली बैठक में जॉब मार्केट से ज्यादा महंगाई पर फोकस कर सकते हैं। अमेरिका में कंज्यूमर इनफ्लेशन एनर्जी कॉस्ट के बढ़ने के चलते पहले ही मार्च में उछलकर 3.3% पर पहुंच गया जोकि करीब दो साल का हाई है। फेड गवर्नर क्रिस्टोफर वालर ने संकेत दिया कि अगर अमेरिका और ईरान के बीच लड़ाई लंबी चलती है, तो इस साल ब्याज दरें कम करना मुश्किल हो सकता है। उन्होंने कहा कि अगर महंगाई ज्यादा और रोजगार कमजोर रहता है, तो दोनों रिस्क्स के बीच संतुलन बनाना होगा और ऐसे में ब्याज दरों को मौजूदा स्तर पर बनाए रखना पड़ सकता है।
जेरोम पॉवेल के उत्तराधिकारी को लेकर क्या है मुश्किल?
अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ब्याज दरों में कमी चाहते हैं और आक्रामक रूप से कटौती नहीं करने को लेकर वह जेरोम पॉवेल की कई बार आलोचना कर चुके हैं। ट्रम्प ने मॉर्गेज फ्रॉड के आरोपों में फेड गवर्नर लिजा कुक को हटाने की कोशिश भी की है और इस मामले में अमेरिकी सुप्रीमकोर्ट का फैसला आना बाकी है कि क्या ट्रंप उन्हें निकाल सकते हैं। वहीं फेड के अगले चेयरमैन के रूप में ट्रंप की पसंद केविन वार्श (Kevin Warsh) का रास्ता भी आसान नहीं है। रिपब्लिकन सीनेटर थॉम टिलिस (Thom Tillis) का कहना है कि जब तक फेड और जेरोम पॉवेल को लेकर न्याय विभाग की जांच पूरी नहीं होती, वह फेडरल रिजर्व में नियुक्तियों को रोकेंगे यानी कि केविन वार्श का रास्ता अभी क्लियर नहीं है।
शुक्रवार को न्याय विभाग ने जांच बंद करने का फैसला किया है, जिससे केविन वार्श की नियुक्ति का रास्ता साफ होने की उम्मीद बढ़ी लेकिन शनिवार को ट्रंप से जब न्याय विभाग के फैसले के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि वह अभी भी फेडरल रिजर्व के बिल्डिंग रिनोवेशन के खर्चों की जांच चाहते हैं। ट्रंप के मुताबिक बिल्डिंग रिनोवेशन कॉस्ट काफी हाई है।
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