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ब्याज दरों में कब होगी कटौती? इस अमेरिकी आंकड़े के चलते मार्केट की उम्मीदों को झटका

मार्केट को लंबे समय इंतजार है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व जल्द ही ब्याज दरों में कटौती कर सकता है। हालांकि अब एक अमेरिकी आंकड़े ने बाजार की इस उम्मीद को चुनौती दी है। मार्केट को उम्मीद थी कि फेडरल रिजर्व जल्द ही ब्याज दरें कम करना शुरू कर देगा लेकिन अब इसका रास्ता और कठिन दिख रहा है। जानिए कैसे आंकड़े आए हैं जिसने मार्केट की उम्मीद को झटका दिया है?

Edited By: Moneycontrol Newsअपडेटेड Jan 11, 2024 पर 8:59 PM
ब्याज दरों में कब होगी कटौती? इस अमेरिकी आंकड़े के चलते मार्केट की उम्मीदों को झटका
अमेरिकी ब्यूरो ऑफ लेबर स्टैटिस्टिक्स के आंकड़ों में तेजी के बावजूद कुछ पॉजिटिव संकेत भी हैं। लेबर मार्केट को बिना अधिक झटका दिए इनफ्लेशन में मोटे तौर पर राहत मिली है।

मार्केट को लंबे समय इंतजार है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व जल्द ही ब्याज दरों में कटौती कर सकता है। हालांकि अब अमेरिकी इनफ्लेशन के आंकड़ों ने बाजार की इस उम्मीद को चुनौती दी है। पिछले साल 2023 के आखिरी में अमेरिका में महंगाई बढ़ने की दर यानी इंफ्लेशन में उछाल दिखी जिससे मार्केट की इस उम्मीद कि फेडरल रिजर्व जल्द ही ब्याज दरें कम करना शुरू कर देगा, का रास्ता और कठिन दिख रहा है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक दिसंबर में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) में 3.4% की वृद्धि हुई, जो तीन महीनों में सबसे अधिक है। यह मासिक आधार पर बाजार के पूर्वानुमानों से भी अधिक है।

कैसी है अमेरिका में महंगाई की स्थिति

पिछले महीने दिसंबर में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) तीन महीने के हाई 3.4 फीसदी पर पहुंच गए। अब अगर इसमें से फूड और एनर्जी को निकाल दिया जाए तो एक महीने पहले की तुलना में यह 0.3 फीसदी बढ़ गया तो सालाना आधार पर यह कोर मानक 3.9 फीसदी बढ़ा। इकनॉमिस्ट्स महंगाई बढ़ने की दर यानी इनफ्लेशन के रुझान की बेहतर तस्वीर ओवरऑल सीपीआई की बजाय कोर मेट्रिक से अधिक पता चलती है। श्रम सांख्यिकी ब्यूरो के आंकड़ों के मुताबिक शेल्टर, बिजली और मोटर-वाहन बीमा में वृद्धि हुई है। वहीं सेकंड हैंड कारों की कीमतों में गिरावट की उम्मीद थी, वह भी फीकी हुई और लगातार दूसरे महीने इसमें बढ़ोतरी हुई।

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