Trump Tariffs: ट्रंप ने 'दोस्त' भारत पर वियतनाम, इंडोनेशिया जैसी अर्थव्यवस्थाओं से भी ज्यादा रखा है टैरिफ; इन सेक्टर्स के सामने अब नई चुनौती

Trump Tariffs: 1 अगस्त से भारत और अमेरिका के बीच होने वाले ट्रेड में भारी उतार-चढ़ाव आने का डर है। नए अमेरिकी टैरिफ का केमिकल, मशीनरी और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे सेक्टर्स पर गहरा असर पड़ेगा। पिछले 10 साल में अमेरिका के साथ भारत का ट्रेड लगभग दोगुना हो गया है

अपडेटेड Jul 30, 2025 पर 8:12 PM
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भारत पर अमेरिका के टैरिफ और पेनल्टी 1 अगस्त से लागू होने वाले हैं।

US Tariffs on India: भारत पर अमेरिका ने अपना टैरिफ बम आखिरकार फोड़ ​ही दिया। जब सब भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील फाइनल होने की राह देख रहे हैं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने 'दोस्त' भारत के सामान पर 25 प्रतिशत टैरिफ की घोषणा की है। इतना ही नहीं रूस से सैन्य उपकरण और तेल खरीदने के लिए पेनल्टी भी लगाई है। टैरिफ और पेनल्टी 1 अगस्त से लागू होने वाले हैं।

अमेरिका में इंपोर्ट होने वाले भारतीय सामान पर घोषित ये टैरिफ, अमेरिका के वही रेसिप्रोकल टैरिफ हैं, जिनका ऐलान इस साल 2 अप्रैल को किया गया था। उस वक्त दर 26 प्रतिशत रखी गई थी। लेकिन फिर 9 अप्रैल को ट्रंप ने भारत समेत दूसरे कई देशों को रेसिप्रोकल टैरिफ की हाई रेट से 3 महीने की मोहलत दी। कहा कि 90 दिन की इस अवधि में केवल 10 प्रतिशत का बेस टैरिफ लागू होगा। 90 दिन की मोहलत खत्म होने के बाद भारत के लिए अमेरिका ने अब 30 जुलाई को 25 प्रतिशत टैरिफ प्लस पेनल्टी का ऐलान किया है।

भारत पर अमेरिकी टैरिफ की दर पेनल्टी को मिलाकर इसकी बराबरी वाली कुछ एशियाई अर्थव्यवस्थाओं से ज्यादा है। उदाहरण के तौर पर इंडोनेशिया पर अब 19 प्रतिशत का अमेरिकी टैरिफ लगेगा। वहीं वियतनाम और फिलीपींस पर 20 प्रतिशत टैरिफ लगेगा। हालांकि म्यांमार पर 40 प्रतिशत, थाइलैंड पर 36 प्रतिशत, बांग्लादेश पर 35 प्रतिशत, श्रीलंका पर 30 प्रतिशत टैरिफ अब अमेरिका ने लगाए हैं।


ट्रंप ने भारत पर टैरिफ प्लस पेनल्टी पर क्या दिए तर्क

ट्रंप ने ट्रुथ सोशल प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट में कहा कि भारत के साथ हमारा बेहद ज्यादा व्यापार घाटा है। ट्रंप ने लिखा है, ट्रंप ने लिखा है, 'वैसे तो भारत हमारा दोस्त है, लेकिन हमने सालों से, उनके साथ अपेक्षाकृत कम ट्रेड किया है क्योंकि उनके टैरिफ बहुत हाई हैं। ये दुनिया में सबसे अधिक टैरिफ में शामिल हैं। साथ ही भारत में किसी भी अन्य देश के मुकाबले सबसे कड़े और बुरे नॉन-मॉनेटरी ट्रेड बैरियर हैं।'

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ट्रंप ने आगे लिखा, 'इसके अलावा उन्होंने अपने सैन्य उपकरणों का बहुत बड़ा हिस्सा हमेशा रूस से खरीदा है, और चीन के साथ-साथ भारत भी रूस की एनर्जी का सबसे बड़ा खरीदार है, वह भी ऐसे समय में जब हर कोई चाहता है कि रूस, यूक्रेन में हत्याओं को रोक दे- सभी चीजें अच्छी नहीं हैं! इसलिए भारत को 25 प्रतिशत टैरिफ का भुगतान करना होगा। साथ ही उस पर पेनल्टी भी लगेगी। टैरिफ और पेनल्टी 1 अगस्त से लागू होंगे।' ट्रंप ने अभी इस बात से पर्दा नहीं उठाया है कि भारत पर अमेरिका कितनी पेनल्टी लगाएगा।

10 साल में अमेरिका के साथ कितना बदला ट्रेड

मनीकंट्रोल ने संयुक्त राष्ट्र कॉमट्रेड डेटा का एनालिसिस किया है। इसके मुताबिक, पिछले 10 साल में अमेरिका के साथ भारत का ट्रेड लगभग दोगुना हो गया है। 2013 में यह 64.6 अरब डॉलर पर था, लेकिन 2024 में बढ़कर 118.4 अरब डॉलर हो गया। ट्रेड के स्ट्रक्चर में भी बदलाव हुआ है।

अमेरिका को निर्यात की बात करें तो इसमें टेक्सटाइल, क्लोदिंग और स्टोन प्रोडक्ट्स की हिस्सेदारी घटी है, जबकि मशीनरी, इलेक्ट्रॉनिक्स और केमिकल्स के ट्रेड तेजी से वृद्धि हुई है। 2024 में मशीनरी और इलेक्ट्रॉनिक्स भारत की ओर से अमेरिका को निर्यात का लगभग 25 प्रतिशत हिस्सा रहे होंगे। 2013 में यह आंकड़ा 8 प्रतिशत से भी कम था। 1 अगस्त से भारत और अमेरिका के बीच होने वाले ट्रेड में भारी उतार-चढ़ाव आने का डर है, खासकर मशीनरी, इलेक्ट्रॉनिक्स और केमिकल के एक्सपोर्ट के मामले में।

वहीं इंपोर्ट के मामले में ईंधन को लेकर भारत की अमेरिका पर निर्भरता काफी बढ़ गई है। 2024 में अमेरिका से भारत को निर्यात में ईंधन का हिस्सा 31.5 प्रतिशत रहा होगा, जो 2013 में केवल 7 प्रतिशत था। इसके अलावा अमेरिका से मेटल्स का भी भारत में आयात बढ़ा है।

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जून में अमरिका को निर्यात 23 प्रतिशत बढ़ा

ताजा आंकड़ों की बात करें तो अमेरिका को भारत की ओर से सामान का निर्यात जून 2025 में 23.53 प्रतिशत बढ़कर 8.3 अरब डॉलर हो गया। वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, इस दौरान अमेरिका से आयात 10.61 प्रतिशत घटकर लगभग 4 अरब डॉलर रहा। अप्रैल-जून 2025 के दौरान अमेरिका को भारत से निर्यात 22.18 प्रतिशत बढ़कर 25.51 अरब डॉलर हो गया। इस दौरान आयात 11.68 प्रतिशत की तेजी के साथ 12.86 अरब डॉलर रहा। वित्त वर्ष 2025 में अमेरिका से भारत में 5.45 अरब डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) आया।

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