वैल्यूएशन गुरु अश्वथ दामोदरन ने ग्लोबल चिप मेकर एनवीडिया में अपनी हिस्सेदारी कम कर दी है। उनका मानना है कि कंपनी की वैल्यूएशन बेहद ज्यादा है, खासकर डीपसीक के उभरने के बाद। दामोदरन के 31 जनवरी के ब्लॉग पोस्ट से सामने आया है कि उन्होंने एनवीडिया में अपनी कुल हिस्सेदारी में से आधी 2023 की गर्मियों में बेच दी। वहीं 2024 की गर्मियों में और एक चौथाई हिस्सा बेच दिया। दामोदरन ने कहा कि एनवीडिया के लिए उनकी अनुमानित वैल्यू प्रति शेयर सितंबर 2024 में 87 डॉलर थी। लेकिन जनवरी 2025 में यह गिरकर 78 डॉलर प्रति शेयर हो गई।
इसका मुख्य कारण डीपसीक के चलते AI चिप बाजार का साइज कम होना है। उन्होंने बताया कि बाकी की गिरावट हायर रिस्क-फ्री रेट्स और इक्विटी रिस्क प्रीमियम के कारण है। दामोदरन के मुताबिक, इस सप्ताह की गिरावट के बाद भी शेयर अपनी मौजूदा वैल्यू 123 डॉलर प्रति शेयर पर ओवरवैल्यूड बना हुआ है।
अपनी पोस्ट में उन्होंने बताया कि शुरुआत में AI चिप बाजार के लगभग 500 अरब डॉलर का होने की उम्मीद थी। Nvidia के लिए उनके शुरुआती वैल्यूएशन एस्टिमेट्स इस विश्वास पर बेस्ड थे कि AI चिप कारोबार में कंपनी की बढ़त, उद्योग के बढ़ने के साथ और बढ़ेगी। DeepSeek के उभरने के बाद, अब उनका अनुमान है कि AI चिप बाजार लगभग 300 अरब डॉलर का है।
AI चिप की मांग में नहीं आएगी कमी
दामोदरन ने यह भी माना है कि AI चिप्स की मांग मजबूत बनी रहेगी, जिससे Nvidia को लगभग 60% की प्रमुख बाजार हिस्सेदारी बनाए रखने में मदद मिलेगी। Nvidia को लेकर उनकी चिंताएं सितंबर 2024 में शुरू हुईं, जिससे उन्हें कंपनी में अपनी हिस्सेदारी कम करना शुरू करना पड़ा। इसकी वजह Nvidia की हाई वैल्यूएशन है।
उन्होंने कहा कि "नंबर्स पर काम किए बिना भी ऐसा सिनेरियो बहुत मुश्किल है, जिसमें डीपसीक की एंट्री से एनवीडिया एक अधिक वैल्यूएबल कंपनी बन जाए। सबसे बड़ा बदलाव एआई चिप बाजार के अपेक्षित साइज में होगा।" दामोदरन का मानना है कि डीपसीक के आने से एआई बाजार का साइज घटने वाला है।