दुनिया को चिप की सप्लाई करेगा भारत, Vedanta इस राज्य में लगाएगी प्लांट

पिछले कुछ समय से चिप की किल्लत के चलते ऑटो और स्मार्टफोन इंडस्ट्री का कारोबार बुरी तरह प्रभावित रहा। हालांकि जल्द ही स्थिति पूरी तरह बदल सकती है और भारत इसमें आत्मनिर्भर होने वाला है

अपडेटेड Sep 12, 2022 पर 6:24 PM
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तेल से लेकर मेटल सेक्टर की दिग्गज कंपनी वेदांता को सेमीकंडक्टर प्लांट बनाने के लिए गुजरात सरकार से सस्ती बिजली के साथ-साथ वित्तीय और गैर-वित्तीय सब्सिडी मिल चुकी है।

पिछले कुछ समय से चिप की किल्लत के चलते ऑटो और स्मार्टफोन इंडस्ट्री का कारोबार बुरी तरह प्रभावित रहा। हालांकि जल्द ही स्थिति पूरी तरह बदल सकती है और भारत इसमें आत्मनिर्भर होने वाला है। दिग्गज माइनिंग कंपनी वेदांता (Vedanta) गुजरात में सेमीकंडक्टर प्लांट स्थापित करेगी।

चिप बनाने के लिए वेदांता ने ताइवान की दिग्गज कंपनी फॉक्सकॉन (Foxconn) के साथ 2 हजार करोड़ डॉलर ज्वाइंट वेंचर शुरू किया है और इसके तहत पहला प्लांट गुजरात में स्थापित किया जाएगा. यह जानकारी न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के हवाले से प्राप्त हुई है। रिपोर्ट के मुताबिक इस मेगा प्रोजेक्ट के तहत महाराष्ट्र, तेलंगाना और कर्नाटक भी कंपनी की लिस्ट में थे लेकिन कुछ हफ्ते पहले गुजरात के नाम पर अंतिम फैसला हो गया।

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गुजरात सरकार से वेदांता ने मांगी थी भारी राहत

तेल से लेकर मेटल सेक्टर की दिग्गज कंपनी वेदांता को सेमीकंडक्टर प्लांट बनाने के लिए गुजरात सरकार से सस्ती बिजली के साथ-साथ वित्तीय और गैर-वित्तीय सब्सिडी मिल चुकी है। जानकारी के मुताबिक इस हफ्ते दोनों पक्षों के बीच एमओयू साइन हो सकते हैं और इस कार्यक्रम में गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्रभाई पटेल और वेदांता के अधिकारी लोग शामिल हो सकते हैं। बता दें कि वेदांता ने 1 हजार एकड़ (405 हेक्टेयर) जमीन मुफ्त में 99 साल के लिए लीज पर पर देने की मांग की थी। इसके अलावा 20 साल के लिए एक निश्चित कीमत पर पानी और बिजली मांगी थी।

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तेजी से आगे बढ़ रही सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री

भारत का सेमीकंडक्टर मार्केट वर्ष 2026 तक 6300 करोड़ डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है। वर्ष 2020 में यह महज 1500 करोड़ डॉलर का था। अभी दुनिया के अधिकतर देश चिप की सप्लाई के लिए ताइवा जैसे कुछ देशों पर निर्भर हैं। हालांकि जल्द ही स्थिति बदल सकती है क्योंकि भारत इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। फरवरी में वेदांता ने चिप बनाने का फैसला किया था और इसे लेकर फॉक्सकॉन के साथ ज्वाइंट वेंचर बनाया।

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