'स्पेक्ट्रम सरेंडर कर लो, पैसा चुकाने की क्षमता नहीं', Voda Idea ने लगाई गुहार

Voda Idea News: वित्तीय दिक्कतों से जूझ रही दिग्गज टेलीकॉम कंपनी वोडा आइडिया ने टेलीकॉम डिपार्टमेंट से अनुरोध किया है कि उसे कुछ स्पेक्ट्रम सरेंडर करने की मंजूरी दी जाए। कंपनी ने जिन स्पेक्ट्रम को सरेंडर करने की मंजूरी मांगी है, उसे कंपनी ने 2021 से पहले हुई नीलामी में हासिल किया था। कंपनी का कहना है कि वह बैंक गारंटी की मौजूदा जरूरतों को पूरा करने में सक्षम नहीं है

अपडेटेड Mar 26, 2025 पर 10:21 AM
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टेलीकॉम कंपनी Voda Idea का कहना है कि 2016 की नीलामी में इसने 9900 करोड़ रुपये अतिरिक्त चुकाए थे। इसके अलावा वर्ष 2012 और वर्ष 2014 की नीलामी में 8800 करोड़ रुपये अतिरिक्त दिए थे।

Voda Idea News: वित्तीय दिक्कतों से जूझ रही दिग्गज टेलीकॉम कंपनी वोडा आइडिया ने टेलीकॉम डिपार्टमेंट से अनुरोध किया है कि उसे कुछ स्पेक्ट्रम सरेंडर करने की मंजूरी दी जाए। कंपनी ने जिन स्पेक्ट्रम को सरेंडर करने की मंजूरी मांगी है, उसे कंपनी ने 2021 से पहले हुई नीलामी में हासिल किया था। अगर टेलीकॉम कंपनी को इसकी मंजूरी मिल जाती है तो मार्च 2015 की नीलामी में हासिल किए गए स्पेक्ट्रम के लिए बैंक गारंटी की जरूरतें 6091 करोड़ रुपये से घटकर 2900 करोड़ रुपये पर आ जाएगी। टेलीकॉम डिपार्टमेंट के सचिव नीरज मित्तल को भेजे गए पत्र में कंपनी ने वह बैंक गारंटी की मौजूदा जरूरतों को पूरा करने में सक्षम नहीं है।

Voda Idea ने टेलीकॉम विभाग से किया ये अनुरोध

वित्तीय दिक्कतों के जूझ रही वोडा आइडिया ने टेलीकॉम डिपार्टमेंट से कहा कि 2015 में स्पेक्ट्रम की खरीदारी के लिए यह 6091 करोड़ रुपये की बैंक गारंटी नहीं दे सकती है या कैश में 5493 करोड़ रुपये नहीं चुका सकती है। वर्ष 2018 में वोडाफोन इंडिया और आईडिया के विलय से बनी VI (वोडा आइडिया) का कहना है कि सिर्फ मार्च 2015 की स्पेक्ट्रम नीलामी से जुड़ी सिक्योरिटी की जरूरतों को पूरा करना बाकी है। इससे पहले 10 मार्च की तारीख में कंपनी ने पिछली नीलामियों में दिए गए अतिरिक्त पैसों से इन जरूरतों को एडजस्ट करने या टेलीकॉम डिपार्टमेंट के पास पड़े मौजूदा बैंक गारंटी और कैश डिपॉजिट्स के इस्तेमाल के विकल्प का प्रस्ताव रखा था।


कंपनी का दावा है कि टेलीकॉम डिपार्टमेंट के पास सिक्योरिटाइजेशन ऑप्शंस के तहत उसके 26950 करोड़ रुपये हैं। कंपनी ने दूरसंचार विभाग से इन विकल्पों पर विचार करने और किसी भी दंडात्मक कार्रवाई से बचने का आग्रह किया। इसके अलावा 11 मार्च को कंपनी के सीईओ अक्षय मूंदड़ा ने टेलीकॉम विभाग से अनुरोध किया कि एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू (AGR) और स्पेक्ट्रम पेमेंट्स के बकाए को इक्विटी में बदल दिया जाए। यह बकाया वर्ष 2012, वर्ष 2014, वर्ष 2015 और वर्ष 2016 की नीलामी से जुड़ा है।

कितने रुपये अतिरिक्त चुकाए हैं वोडा आइडिया ने

टेलीकॉम कंपनी का कहना है कि 2016 की नीलामी में इसने 9900 करोड़ रुपये अतिरिक्त चुकाए थे। इसके अलावा वर्ष 2012 और वर्ष 2014 की नीलामी में 8800 करोड़ रुपये अतिरिक्त दिए थे। वोडा आइडिया ने सचिव को भेजे पत्र में यह भी सामने रखा है कि वर्ष 2021 से पहले के स्पेक्ट्रम को सरेंडर करने के लिए टेलीकॉम डिपार्टमेंट से बातचीत चल रही है। कंपनी के प्रस्ताव के मुताबिक स्पेक्ट्रम को लेकर कंपनी की पूरी देनदारी 4800 करोड़ रुपये कम हो जाएगी जिसमें से 3200 करोड़ रुपये कतो 2015 की नीलामी से जुड़ा है।

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