वॉरेन बफे (Warren Buffett) की कंपनी बर्कशायर हैथवे (Berkshire Hathaway) के पास रखा कैश रिजर्व जून तिमाही में और बढ़ गया है। कंपनी के पास रखा कैश, अब उसके कुल एसेट्स का करीब 25 प्रतिशत हो गया है। जून 2025 के बाद यह पहला मौका है, जब कंपनी ने अपना 25 प्रतिशत एसेट्स कैश में रखा हुआ है। बर्कशायर हैथवे ने हाल ही में एपल (Apple) और बैंक ऑफ अमेरिका (Bofa) में अपने शेयरों बेचा था। इसके बाद कंपनी के पास रखा कुल कैश और कैश इक्विवैलेंट्स 276.9 अरब डॉलर पर पहुंच गया। यह बताता है कि इक्विटी मार्केट के हाई वैल्यूएशन को देखते हुए वॉरेन बफे फिलहाल निवेश करने से बच रहे हैं।
बर्कशायर ने बीते 3 अगस्त को बताया कि उसने एपल इंक में अपनी हिस्सेदारी लगभग 50% तक कम कर दी है और जुलाई महीने के दौरान उसने बैंक ऑफ अमेरिका में भी अपनी हिस्सेदारी 8.8% तक कम कर दी थी।
इससे पहले मई में बर्कशायर हैथवे की सालाना जनरल मीटिंग (AGM) के दौरान बफे ने कहा था कि वह अधिक इक्विटी खरीदने की जल्दी में नहीं है, "जब तक कि हमें नहीं लगता कि हम कुछ ऐसा कर रहे हैं जिसमें बहुत कम जोखिम है और जिससे हमें बहुत पैसा मिल सकता है।"
बर्कशायर की जून तिमाही के शेयरहोल्डिंग आंकड़ों से पता चलता है कि इसने कॉस्मेटिक्स कंपनी, उल्टा ब्यूटी और एयरोस्पेस कंपनी हेइको में भी छोटी हिस्सेदारी ली हुई है।
इस बीच बर्कशायर हैथवे रिकॉर्ड कैश होल्डिंग को लोग तरह-तरह की अटकलें भी लगाने लगे हैं। इक्विटी मार्केट पर नजर रखने वाली फर्म, कोबेसी लेटर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर पूछा कि क्या बफे को मंदी आने की आशंका जता रहे हैं। यह सवाल इसलिए भी पैदा होता है कि बर्कशायर का कैश रिजर्व बस पिछले 2 सालों में करीब दो गुना बढ़ चुका है। कैश होल्डिंग में यह बढ़ोतरी ऐसे समय में हुई है जब अमेरिका में मंदी आने की आशंका जताई जा रही है। वहां का जॉब मार्केट भी कमजोर नजर आ रहा है।
बफे की ओर लगातार शेयर बेचकर पैसा निकालने के पीछे एक कारण यह भी हो सकता है कि उन्हें आगे चलकर कॉरपोरेट टैक्स में इजाफे की उम्मीद है। बफे ने मई 2024 में आयोजित बर्कशायर AGM के दौरान कहा था कि मौजूदा मॉनिटरी पॉलिसी को देखते हुए मुझे लगता है कि कुछ देना होगा और मुझे लगता है कि टैक्स में बढ़ोतरी की संभावनाएं काफी है।