अमेरिकी फाइनेंशियल सर्विस कंपनी वेल्स फार्गो (Wells Fargo) ने शुक्रवार 6 जनवरी को भारतीय यूनिट के वाइस-प्रेसिडेंट शंकर मिश्रा को नौकरी से बर्खास्त कर दिया। मिश्रा पर न्यूयॉर्क से नई दिल्ली आ रही एयर इंडिया की फ्लाइट में 72 वर्षीय एक महिला पर नशे की हालत में पेशाब करने का आरोप है। कंपनी ने एक बयान में कहा, "इस व्यक्ति को वेल्स फार्गो से बर्खास्त कर दिया गया है। हम कानूनी एजेंसियों के साथ सहयोग कर रहे हैं और उन्हें जो भी जरूरी जानकारी चाहिए होगी, हम देंगे।"
कंपनी ने यह भी कहा कि वह अपने कर्मचारियों से पेशेवर और व्यक्तिगत व्यवहार के उच्चतम मानकों पर खरा उतरने की उम्मीद रखती है और ये आरोप बहुत परेशान करने वाले हैं।
मिश्रा ने 26 नवंबर 2022 को एयर इंडिया की एक फ्लाइट में महिला पर पेशाब किया था। हालांकि यह खबर सार्वजनिक कुछ दिन पहले ही हुई है। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने 5 जनवरी को शंकर मिश्रा के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी करने के लिए संबंधित अधिकारियों को लिखा था।
एक सीनियर पुलिस अधिकारी ने बताया, "मिश्रा मुंबई का रहने वाला है। हमने अपनी टीमें उसके ज्ञात ठिकानों पर मुंबई भेजी थीं, लेकिन वह फरार है। हमारी टीमें उसका पता लगाने की कोशिश कर रही हैं।"
मिश्रा के खिलाफ एयरक्राप्ट नियमों और आईपीसी की धारा 294 (सार्वजनिक स्थान पर अश्लील हरकत), धारा 354 (महिला का शील भंग करने के इरादे से हमला या आपराधिक बल), धारा 509 (शब्द, हावभाव या अपमान करने के इरादे से किया गया कृत्य) और धारा 510 (एक शराबी व्यक्ति का सार्वजनिक रूप से किया गलत व्यवहार) के तहत एक केस भी दर्ज किया गया है।
डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) ने इस मामले में एयर इंडिया के अधिकारियों और उसकी न्यूयॉर्क-दिल्ली फ्लाइट में मौजूद केबिन क्रू को 'कारण बताओ नोटिस' भी जारी किया है और पूछा कि आखिर 26 नवंबर की उड़ान में हुई घटना के दौरान उनकी तरफ से ड्यूटी में की गई लापरवाही को लेकर उनके खिलाफ एक्शन क्यों नहीं लिया जाए।
एविएशन रेगुलेटर ने कहा कि इस पूरे मामले में एयर इंडिया का आचरण "गैर-प्रोफेशनल" नजर आता होता है और प्रथम दृष्टया ऐसा लगता है कि उड़ान के दौरान आपा खोने वाले यात्रियों से निपटने के प्रावधानों का पालन नहीं किया गया था।