NBFC लोन क्या है? जानें बैंक लोन और NBFC पर्सनल लोन में फर्क और कौन-सा है ज्यादा फायदेमंद

NBFCs आसान अप्रूवल के साथ इंस्टेंट और फ्लेक्सिबल पर्सनल लोन उपलब्ध कराती हैं, जबकि बैंक सस्ती ब्याज दर और ज्यादा लोन अमाउंट का ऑप्शन देते हैं. सही लेंडर का चुनाव आपकी जरूरतों और फाइनेंशियल इमरजेंसी पर निर्भर करता है.

अपडेटेड Feb 16, 2026 पर 12:25 PM
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क्या कभी आपके साथ ऐसा हुआ है कि आपको लोन की जरूरत पड़ी हो लेकिन बैंक के सख्त नियमों और धीमे प्रोसेस से आप परेशान हो गए हों? ऐसी स्थिति में नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनियां यानी NBFCs एक अच्छा ऑप्शन साबित हो सकती हैं. ये भी बैंकों की तरह लोन देती हैं, लेकिन इनके नियम-कायदे थोड़े अलग होते हैं. आरबीआई रेगुलेटेड और कंपनीज एक्ट, 1956 के तहत रजिस्टर ये कंपनियां, आम लोगों और कारोबारियों या बिजनेस फर्म को बगैर सख्त शर्तों के जरूरी फंड मुहैया कराती हैं. 

NBFC पर्सनल लोन क्या है?

NBFC पर्सनल लोन वे लोन होते हैं, जिन्हें NBFC कंपनियां देती हैं. इन कंपनियों के पास बैंकिंग लाइसेंस नहीं होता, लेकिन ये लोन और क्रेडिट सुविधाएं देने के किए कानूनी रूप से एलिजिबल होती हैं. कुछ NBFCs रिटायरमेंट प्लानिंग में भी मदद करती हैं.

NBFC लोन उन लोगों के लिए एक अच्छा ऑप्शन है, जिन्हें बैंक से लोन नहीं मिलता, खासकर कम क्रेडिट स्कोर या डॉक्युमेंट की कमी की वजह से.


NBFCs अलग-अलग जरूरतों के हिसाब से फंड देती हैं. कुछ गाड़‍ियों या मशीनों की खरीद के लिए लोन देती हैं (एसेट फाइनेंसिंग कंपनियां), तो कुछ पर्सनल या बिजनेस लोन देती हैं (लोन कंपनियां). बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट के लिए 'इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंस कंपनियां', कम इनकम वालों के लिए 'माइक्रो-फाइनेंस इंस्टिट्यूशन' और होम लोन के लिए 'हाउसिंग फाइनेंस कंपनियां' भी NBFCs के तहत आती हैं.

मनीकंट्रोल के साथ पार्टनरशिप है, जिनसे आप 50 लाख रुपए तक का इंस्टेंट और 100% डिजिटल लोन ले सकते हैं. इसका एप्लीकेशन प्रोसेस बेहद आसान है: अपनी डिटेल दर्ज करें, KYC वेरिफाई करें और EMI प्लान चुनें. यहां ब्याज दरें 10.5% सालाना से शुरू हो सकती है, जो आपकी नौकरी की स्थिति पर निर्भर करती हैं.

NBFC लोन के लिए एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया

आम बैंकों के मुकाबले NBFCs की एलिजिबिलिटी शर्तें थोड़ी फ्लेक्सिबल होती हैं. यहां क्रेडिट स्कोर के बजाय आपकी इनकम को तवज्जो दी जाती है. इसी कारण 600-650 क्रेडिट स्कोर वाले लोग भी लोन के लिए एलिजिबल हो सकते हैं.

वहीं दूसरी ओर, बैंक स्टेबल इनकम और 700 से ऊपर के क्रेडिट स्कोर को अहमियत देते हैं. इसलिए, बैंकों की एलिजिबिलिटी शर्तें ज्यादा सख्त मानी जाती हैं.

NBFC लोन के लिए जरूरी डॉक्यूमेंट

अगर आप पहले से किसी NBFC के ग्राहक हैं या प्री-अप्रूव्ड हैं, तो कोई डॉक्यूमेंट देने की जरूरत नहीं पड़ती. हालांकि, नए ग्राहकों से KYC डॉक्यूमेंट, बैंक स्टेटमेंट और हालिया सैलरी स्लिप मांगी जाती है.

इसके उलट, बैंक से लोन लेने के लिए पुराने या नए सभी ग्राहकों को ID प्रूफ, सैलरी स्लिप, इनकम टैक्स रिटर्न, बैंक स्टेटमेंट और एम्प्लॉयमेंट प्रूफ देना जरूरी होता है.

NBFC लोन का प्रोसेसिंग टाइम

अगर कोई NBFC के जरिए लोन के लिए अप्लाई करता है, तो कुछ ही मिनटों में लोन मिल सकता है. आमतौर पर यह ऑप्शन तब चुना जाता है, जब आपको तुरंत कैश की जरूरत होती है. प्री-अप्रूव्ड ग्राहकों को कुछ ही मिनटों में लोन मिल सकता है और कुछ मामलों में तो जानी-मानी NBFCs अनसिक्योर्ड लोन को भी 5 मिनट के अंदर अप्रूवल दे देती हैं. 

वहीं दूसरी ओर, बैंकों का अप्रूवल प्रोसेस लंबा और धीमा होता है, जिसमें डिटेल वेरिफिकेशन के लिए आमतौर पर 2 से 7 दिन का समय लग जाता है. 

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NBFC लोन अमाउंट और रिपेमेंट टेन्योर

NBFCs आमतौर पर बैंक से कम लोन अमाउंट देती हैं, लेकिन उनके लोन स्ट्रक्चर में फ्लेक्सिबिलिटी होती है. रिपेमेंट टेन्योर 6 महीने से लेकर 5 साल तक का हो सकता है. अगर किसी को छोटी रकम की जरूरत हो, तो NBFC एक अच्छा और आसान ऑप्शन है.

बैंक से लोन लेने के लिए आपको अक्सर बड़े अमाउंट (50 लाख रुपए तक) के लिए अप्लाई करना पड़ता है और इसका रिपेमेंट टेन्योर 1 से 7 साल तक होता है.

NBFC लोन पर ब्याज दरें 

NBFC लोन पर ब्याज दरें ऊंची (आमतौर पर 10% से 30% सालाना तक) होती हैं. यह दर आपके क्रेडिट स्कोर, इनकम और लोन अमाउंट पर निर्भर करती है.

बैंकों की ब्याज दरें आमतौर पर 8% से 18% सालाना के बीच होती हैं और ये RBI के रेपो रेट और दूसरी पॉलिसी से जुड़ी होती हैं.

मनीकंट्रोल पर आप 50 लाख रुपए तक का 100% डिजिटल लोन ले सकते हैं. इसमें सिर्फ तीन स्टेप हैं: डिटेल दर्ज करें, KYC पूरी करें और EMI प्लान सेट करें. यहां ब्याज दरें 10.5% सालाना से शुरू होती हैं.

क्या चुनें? बैंक या NBFC 

अगर आप सस्ती ब्याज दर और बड़ा लोन अमाउंट चाहते हैं, तो बैंक बेहतर ऑप्शन हैं. मजबूत क्रेडिट स्कोर वालों के लिए बैंक की शर्तें फायदेमंद होती हैं और इनका लेंडिंग सिस्टम ज्यादा सुरक्षित होता है.

लेकिन अगर आपको जल्दी लोन चाहिए, कागजी कार्यवाही कम चाहिए और क्रेडिट स्कोर पर ज्यादा निर्भर नहीं रहना चाहते, तो NBFC का ऑप्शन आपके लिए ज्यादा बेहतर साबित हो सकता है. NBFCs जल्दी अप्रूवल देती हैं और कागजी कार्यवाही भी आसान होती है.

कुल मिलाकर, बैंक और NBFCs दोनों ही लोन देते हैं, लेकिन कौन सा ऑप्शन आपके लिए सही रहेगा, ये आपकी जरूरत और मौजूदा फाइनेंशियल स्थिति पर निर्भर करता है.

 

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