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एलन मस्क को खुली छूट, भारतीय कंपनियों पर सख्ती... आखिर क्या है वजह?

दिग्गज निवेशक शंकर शर्मा का कहना है कि 1991 के बाद भारत ने विदेशी पूंजी और तकनीक पर निर्भरता बढ़ा ली, जिससे कोई भारतीय कंपनी ग्लोबल लीडर नहीं बन पाई। उन्होंने एलन मस्क की Starlink को दी जा रही सरकारी छूट पर सवाल उठाए, जबकि भारतीय कंपनियों को कड़े नियमों का सामना करना पड़ता है।

Edited By: Suneel Kumarअपडेटेड Mar 23, 2025 पर 7:43 PM
एलन मस्क को खुली छूट, भारतीय कंपनियों पर सख्ती... आखिर क्या है वजह?
एलन मस्क लंबे समय से भारत के बाजार में एंट्री की कोशिश कर रहे हैं।

भारत की 1991 की उदारीकरण नीति को एक बड़ा कदम माना जाता है, जिसने देश की असली क्षमता को अनलॉक किया। लेकिन दिग्गज निवेशक और GQuant Investech के फाउंडर शंकर शर्मा का मानना है कि इसके बाद का दौर भारत में विदेशी तकनीक और पूंजी पर निर्भरता बढ़ाने वाला साबित हुआ। इससे भारतीय कंपनियों को दूसरे देशों में दबदबा बढ़ाने में कोई मदद नहीं मिली।

कोई भी भारतीय कंपनी ग्लोबल लीडर क्यों नहीं बनी?

एक पॉडकास्ट में ऋषि संघवी से बात करते हुए शर्मा ने कहा, "इसने भारतीय कंपनियों को एक बहुत ही आसान रास्ता दे दिया- बस जॉइंट वेंचर करो, विदेशी पूंजी और टेक्नोलॉजी लो... और लाइफ सेट। हमारी भारतीय कंपनियों ने आज तक बस यही किया है।"

शर्मा ने इस मानसिकता के नतीजे की ओर इशारा करते हुए कहा, "हमारे पास एक भी ऐसी कंपनी नहीं है जो कम से कम दक्षिण एशिया में ही दबदबा बना सके। एशिया और यूरोप में छोड़ दीजिए और अमेरिका में तो भूल ही जाइए।"

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