Winsome Diamonds Scam: विनसम डायमंड्स के मालिक जतिन मेहता ने किया 1 अरब डॉलर का घोटाला, जानिए क्या है पूरा खेल

मेहता परिवार चाहता है कि WFO को खारिज कर दिया जाए। इसके तहत उनपर और उनकी कंपनियों पर कई तरह की पाबंदियां लगी हैं। इसके तहत मेहता परिवार के खर्चों की एक सीमा तय की गई है। इसके पीछे दलील है कि मेहता परिवार ने सही तरीके से डिस्क्लोजर नहीं दिया है

अपडेटेड Oct 08, 2022 पर 8:37 PM
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यह फर्जीवाड़ा Winsome Diamonds and Jewellery के मालिक जतिन मेहता और उनके परिवार ने मिलकर किया है

Winsome Diamonds Scam: मेहुल चोकसी और नीरव मोदी के बाद देश में एक और डायमंड कारोबारी ने बड़ा घोटाला किया है। यह फर्जीवाड़ा Winsome Diamonds and Jewellery के मालिक जतिन मेहता और उनके परिवार ने मिलकर किया है। जतिन मेहता, उनकी पत्नी सोनिया और बेटे विशाल, सूरज ने मिलकर 1 अरब डॉलर का स्कैम किया है। लंदन के हाई कोर्ट में इन सब लोगों के खिलाफ सुनवाई चल रही है। यह केस 93.24 करोड़ डॉलर (7000 करोड़ रुपए) के वर्ल्ड वाइड फ्रीजिंग ऑर्डर डिस्चार्ज करने से जुड़ा है। इसे मई 2022 में डिस्चार्ज किया गया था।

मेहता परिवार चाहता है कि WFO को खारिज कर दिया जाए। इसके तहत उनपर और उनकी कंपनियों पर कई तरह की पाबंदियां लगी हैं। इसके तहत मेहता परिवार के खर्चों की एक सीमा तय की गई है। इसके पीछे दलील है कि मेहता परिवार ने सही तरीके से डिस्क्लोजर नहीं दिया है।

मेहता पर 1 अरब डॉलर के घोटाले का आरोप है जबकि उन्होंने अपनी संपत्ति सिर्फ 14.6 करोड़ डॉलर बताई है।

यह घोटाला 2013 में हुआ था लेकिन इसके खिलाफ पहला मामला 2017 में दर्ज हो पाया था। मेहता का यह घोटाला नीरव मोदी के घोटाले की तरह ही है। इसमें बैंकिंग क्रेडिट लाइन का गलत तरीके से इस्तेमाल करके लोन देने वाली कंपनियों को चूना लगाया गया है।


मेहता ने बताया है कि WFO को एक प्राइवेट सुनवाई के तहत हासिल किया गया था और इसके लिए कोई नोटिस नहीं दिया गया था। इसके साथ ही उनके पास इस मामले में उन्हें दलील देने का वक्त नहीं मिला था।

मेहता परिवार से अपना पैसा वापस लेने की कोशिश में यूके और आयरलैंड की 7 कंपनियां लगी हुई हैं। ये सभी वो कंपनियां हैं जिनपर ये आरोप था कि इन्होंने फ्रॉड में पैसे ट्रांसफर का काम किया है। इसके बाद ये कंपनियां स्वैच्छिक लिक्विडेशन में चली गई थीं। इन कंपनियों को अब रजिस्टर ऑफ कंपनीज में दोबारा शामिल कर लिया गया है। ये सातों कंपनियां और दो इंडिपेंडेंड लिक्विडेटर इस मामले में बड़े दावेदार हैं। करीब दो दर्जन से ज्यादा वकील इस मामले में अपनी दलील दे रहे हैं।

अदालत को यह जानकारी दी गई है कि मेहता परिवार ने करीब 1 अरब डॉलर यानि 7000 करोड़ रुपए का घोटाला किया है। कंपनी के मालिक जतिन मेहता ने विनसम डायमंड्स को दी गई बैंकिंग सुविधाओं का गलत इस्तेमाल करते हुए पैसों का लेनदेन किया। इस लेनदेन का फायदा मेहता परिवार को मिला।

अदालत को यह जानकारी दी गई है कि ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड में रजिस्टर कंपनी Marengo Investment Group Limited को 16.30 करोड़ पौंड मिला था। इस कंपनी को मेहता परिवार ने पारिवारिक स्वामित्व वाली कंपनी माना है। वहीं UAE की कंपनी Al-Noora FZE को 65 करोड़ डॉलर मिले थे। इसके बाद इन दोनों कंपनियों का असतित्व खत्म हो गया।

मेहता परिवार पर यह आरोप लगा है कि Marengo Investment ने 16.2 करोड़ डॉलर Oriental Expressions DMCC को ट्रांसफर किया है। यह कंपनी जतिन मेहता की पत्नी सोनिया मेहता के नाम पर है। इसके बाद Marengo की तरफ से 15000 डॉलर का एक चेक UAE में सोनिया मेहता के खाते में जमा किया गया।

हालांकि अदालत में मेहता परिवार ने Al-Noora FZE के साथ अपने किसी भी संबंध से साफ इनकार किया है। यह कंपनी मेहता परिवार के पर्व कारोबारी सहयोगी हेथम ओबिदाह के नाम पर है। लेकिन यह किसी को पता नहीं कि ओबिदाह कहां रहते हैं।

1985 में जतिन मेहता ने अपने बेटे सूरज डायमंड इंडिया लिमिटेड शुरू की थी। विदेश से रफ डायमंड लेकर कंपनी उसे पॉलिश करके एक्सपोर्ट करने का काम करती थी। विनसम ग्रुप की कंपनियां अलग-अलग बुलियन बैंक से गोल्ड और डायमंड खरीदती थीं। बुलियन बैंक वो बैंक होते हैं जो गोल्ड, सिल्वर, डायमंड में ट्रेडिंग और सप्लाई करने का काम करते हैं। फर्जी क्रेडिट लाइन का इस्तेमाल करके मेहता परिवार ने चूना लगाया है।

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