Wipro के लिए जून तिमाही मुश्किल रही। इंडिया की चौथी सबसे बड़ी आईटी कंपनी का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा। ग्रोथ गाइडेंस कमजोर रहा। लगातार तीसरी तिमाही एंप्लॉयीज की संख्या में गिरावट देखने को मिली। मीडिया और एनालिस्ट्स ने कंपनी के प्रदर्शन को लेकर कई सवाल उठाए। इनमें से कई के जवाब सीएफओ जतिन दलाल ने दिए थे। उन्होंने कहा था कि मुश्किलों के बावजूद कंपनी अपना सफर और फोकस मध्यम अवधि के लक्ष्यों को हासिल करने के मकसद से जारी रखेगी। तब शायद ही किसी ने सोचा था कि सिर्फ दो महीने बाद वह कंपनी से इस्तीफा दे देंगे। 21 सितंबर को दलाल ने विप्रो से इस्तीफा दे दिया। कंपनी अपर्णा अय्यर को उनकी जगह सीएफओ नियुक्त कर दिया है। उन्होंने 22 सितंबर से नई जिम्मेदारी संभाल ली है।
